Ishq Shayari In Hindi: प्यार की दुनिया में Ishq Shayari In Hindi का एक खास स्थान है। यह दिलों की बात कहने का एक खूबसूरत जरिया है। हर आशिक अपनी भावनाओं को इसमें व्यक्त करता है।
इश्क शायरी सिर्फ अल्फाजों का खेल नहीं है। यह प्रेम की गहराई को दर्शाती है। यह खुशी और गम दोनों को बयां करती है। Ishq Shayari In Hindi आपके प्यार को और भी मजबूत बनाती है।
तो आज हम आपको कुछ बेहतरीन Ishq Shayari In Hindi से रूबरू कराएंगे। यह आपके दिल को छू जाएगी। आप इन्हें अपने अपनों के साथ साझा कर सकते हैं। यह आपके रिश्ते में मधुरता लाएगी।
Ishq Shayari In Hindi | हिंदी में इश्क़ शायरी

तेरी आँखों में डूब जाने को दिल करता है,
तेरी बाहों में सारी उम्र गुजारने को दिल करता है,
इश्क़ ऐसा हुआ है तुमसे कि बस,
हर साँस तेरे नाम करने को दिल करता है।
इश्क़ तो एक इबादत है, एक ख़ुदगर्जी का नाम,
जो हो जाए किसी से तो लगता है सारे जहान से अच्छा,
नाज़ुक सा रिश्ता है, बड़ी मुश्किल से निभाना पड़ता है,
कभी हँसाता है, कभी रुलाता है, पर इश्क़ ही है सब कुछ।
दिल में तेरी तस्वीर, आँखों में तेरा चेहरा,
इश्क़ ने हमको कुछ इस कदर घेरा,
हर पल तेरी याद, हर लम्हा तेरा इन्तज़ार,
इश्क़ ने कर दिया है हमको बेक़रार।
इश्क़ की गलियों में खो गए हम,
तेरी एक झलक के लिए दीवाने हो गए हम,
अब तो हर पल बस तेरा ही इंतज़ार है,
लगता है, तुझसे ही मेरा संसार है।
तू मेरी सुबह, तू ही मेरी शाम है,
इश्क़ मेरा तुझसे, ये मेरा पैगाम है,
कैसे बताऊँ कितनी मोहब्बत है तुमसे,
तू ही मेरी जान, तू ही मेरी पहचान है।
तेरे इश्क़ में रंगा हर लम्हा मेरा,
तेरे बिना अब कुछ भी नहीं मेरा,
यह दिल बस तेरे लिए धड़कता है,
तेरी यादों में मेरा हर पल गुज़रता है।
हम तो फ़ना हो गए तेरे इश्क़ में,
तेरी एक निगाह पे सब कुछ लुटा दिया,
क्या बताएँ कैसा है यह रिश्ता मेरा,
तेरी हर अदा पे दिल हार दिया।
इश्क़ ने हमें शायर बना दिया,
हर बात में तेरा ही ज़िक्र आ गया,
यह कैसी आग है जो अंदर जलती है,
जिंदगी तेरे बिना अब ढलती है।
रूह से रूह का मिलाप है यह,
इश्क़ नहीं, कोई अल्फ़ाज़ है यह,
तेरी ख़ामोशी भी मैं पढ़ लेता हूँ,
तेरी हर बात मैं समझ लेता हूँ।
इश्क़ में डूब कर मिट जाएँगे,
अगर तुम साथ हो तो जी जाएँगे,
क्या फ़र्क पड़ता है दुनिया का,
हम तो बस तेरी मोहब्बत पाएँगे।
तेरी चाहत में खोया यह दिल मेरा,
निशान बन गया इश्क़ का चेहरा तेरा,
हर पल तेरी आरज़ू, हर पल तेरा इंतज़ार,
बस तेरे दीदार के लिए यह दिल बेक़रार।
इश्क़ की गहराई को कौन नाप पाएगा,
जो इसमें डूबा, वही इसे जान पाएगा,
यह तो एक नशा है, एक जुनून है,
इसमें जीने का अपना ही सुकून है।
तेरी हर बात में इश्क़ नज़र आता है,
तेरे हर अंदाज़ में दिल बहल जाता है,
कैसे रोकूँ इस बेताब दिल को मैं,
यह तो बस तुझसे ही मोहब्बत चाहता है।
इश्क़ की राहो में चलते-चलते,
हम खुद को भूल गए मिलते-मिलते,
तेरी साँसों में अब मेरी साँसें हैं,
यह कैसा अनोखा प्यार है, यह कैसी बातें हैं।
जब से तू मेरी ज़िंदगी में आई,
हर ख़ुशी मेरे मुक़द्दर में समाई,
इश्क़ तेरा मेरी रूह में बस गया,
मेरा हर पल तुझमें खो गया।
तेरी हँसी तेरी आँखों का जादू है,
इश्क़ तेरा मुझपे कुछ इस कदर हावी है,
हर पल तेरी यादें, हर पल तेरा ख़याल,
तू ही मेरे इश्क़ का सबसे हसीन सवाल।
इश्क़ सिर्फ दो लफ़्ज़ों का नाम नहीं,
यह तो एक एहसास है, एक पैगाम है,
जिसे हर दिल समझ नहीं पाता,
यह तो बस वो ही जाने जो प्यार में डूब जाता।
तेरी मोहब्बत ने मुझे जीना सिखाया,
हर मुश्किल से मुझे लड़ना सिखाया,
इश्क़ तेरा मेरी पहचान बन गया,
तू ही मेरा इकलौता अरमान बन गया।
इश्क़ में डूबा हूँ, अब निकलने का मन नहीं,
तेरे बिना मुझे अब साँस लेने का मन नहीं,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा रास्ता,
तेरे बिना अब कहीं और नहीं ये वास्ता।
ये इश्क़ की दुनिया है बड़ी निराली,
कभी हँसाए, कभी दे उदासी,
मगर जो भी हो, इसमें जीना है,
बस तुझसे मोहब्बत का जाम पीना है।
इश्क़ का रंग मुझपे कुछ ऐसा चढ़ा,
हर पल बस तेरा ही नशा चढ़ा,
न दिन का पता, न रात का ठिकाना है,
यह दिल बस तेरा ही है, तेरा ही दीवाना है।
तेरी आँखों की गहराई में खो जाऊँ,
तेरे इश्क़ की हर हद से आगे निकल जाऊँ,
यह ज़िंदगी तेरे बिना अब अधूरी है,
तू ही मेरी हर चाहत, तू ही मेरी मजबूरी है।
इश्क़ बिना जीवन का क्या मोल है,
यह तो एक अनमोल तोहफ़ा है,
जो मिले किसी से तो दिल खिल जाता है,
ये इश्क़ ही है जो सबको भाता है।
इश्क़ की बातें, इश्क़ के अफ़साने,
जब से तुम मिले हैं, हम हो गए पुराने,
तेरी बाहों में पनाह मिल जाए अगर,
तो यह दिल कहेगा, बस यही है मेरा घर।
तेरा साथ है तो हर राह आसान है,
इश्क़ तेरा मेरी सबसे बड़ी पहचान है,
यह दिल बस तेरे लिए ही धड़कता है,
तेरी ही यादों में हर पल भटकता है।
Ishq Shayari In Hindi On Life | हिंदी में जीवन पर इश्क़ शायरी

ज़िंदगी में इश्क़ हो तो हर पल खुशियों भरा है,
बिन इसके तो जीवन एक सूखा दरिया है,
इश्क़ ने ही तो रंगों से भरी है दुनिया हमारी,
यह इश्क़ ही तो है, जो देता है हर ख़ुशी प्यारी।
जीवन के सफ़र में इश्क़ की राहें निराली हैं,
कभी मीठी, कभी कड़वी, पर हमेशा याद वाली हैं,
जो दिल से जुड़े, वो इश्क़ सच्चा कहलाता है,
इसी से हर इंसान जीवन को सजाता है।
इश्क़ है तो जीवन में उजाला है,
बिन इसके तो हर पल बेहाल है,
यह तो वो एहसास है जो ज़िंदगी को सँवारता है,
इश्क़ ही तो है जो हर दर्द सहता-सँवारता है।
ज़िंदगी के मायने इश्क़ ने सिखाए,
कैसे जीते हैं, यह हमें समझाए,
इश्क़ की राहों में चलते-चलते,
पा लिया हमने सब मुस्कुराते-मुस्कुराते।
इश्क़ ने जीवन को एक नया रंग दिया,
हर पल को कुछ अनमोल कर दिया,
जो मिल जाए सच्चा इश्क़ राहों में,
तो हर मुश्किल आसान हो जाए बाहों में।
जीवन की किताब का सबसे हसीन पन्ना है इश्क़,
जो समझ गया इसे, वो बन गया धनी, बन गया फकीर,
न कोई चाहत, न कोई तमन्ना है बाकी फिर,
बस इश्क़ में जीने का ही रहता है हमेशा ज़िक्र।
इश्क़ ही तो है जो जीवन को सँवारता है,
हर उदासी को ख़ुशी में बदल देता है,
यह दिलों को जोड़े, रूहों को मिलाए,
ऐसे ही तो इश्क़ जीवन को गुलज़ार बनाए।
ख़ुद को पा लिया तेरे इश्क़ में,
यह जीवन भी तुझपे वारा इश्क़ में,
अब तो हर पल बस तेरा ही इंतज़ार है,
क्यूँकि तेरे इश्क़ से ही तो मेरा संसार है।
जीवन की हर राह पर इश्क़ साथ हो,
तो हर मुश्किल भी आसान हो,
यह तो वो रोशनी है जो अंधेरा मिटाती है,
इश्क़ ही तो है जो हर राह दिखाती है।
तेरे इश्क़ ने जीवन में मिठास भर दी,
हर पल को मेरे बहुत ख़ास कर दी,
अब तो हर साँस तेरे नाम से है,
यह इश्क़ ही तो मेरी पहचान है।
इश्क़ की बातें जीवन में ख़ास होती हैं,
इनमें छुपी अनगिनत आस होती है,
यह सिर्फ एक रिश्ता नहीं, एक एहसास है,
जो हर दिल के बेहद पास है।
ज़िंदगी की हर ख़ुशी इश्क़ से है मिली,
बिन इसके तो हर राह है सूनी-सूनी,
यह वो शक्ति है जो हर दर्द से लड़वाती है,
इश्क़ ही तो है जो जीवन को महकाती है।
इश्क़ ने सिखाया है जीने का सलीका,
हर मुश्किल को हँसकर सहने का तरीक़ा,
यह तो वो ज़र्रा है जो रौशनी बिखेरता है,
इसी से तो जीवन हर पल सँवरता है।
जब से इश्क़ हुआ है तुझसे, ज़िंदगी बदल गई,
पहले जो बेजान थी, अब वो सँवर गई,
हर लम्हा तेरा इंतज़ार करता रहता हूँ,
तेरे इश्क़ में ही जीता और मरता हूँ।
इश्क़ की लहरों में जीवन की नाव चल पड़ी,
हर तूफ़ान से भी अब लड़ने की हिम्मत बढ़ी,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा किनारा है,
तेरे इश्क़ से ही जीवन को सहारा है।
जीवन का हर पल तेरे इश्क़ में रम गया,
तूने मुझे खुद से भी ज़्यादा समझा,
यह इश्क़ नहीं, यह तो जाँ निसार है,
तेरे बिना यह जीवन बेक़ार है।
इश्क़ की आग में जलकर भी सुकून पाया,
मैंने तुझमें ही अपना जहान बसाया,
यह जीवन भी तेरे नाम कर दिया मैंने,
क्यूँकि इश्क़ में ही तो है सब कुछ पा लिया मैंने।
जीवन के हर मोड़ पर तुझको पाया,
इश्क़ ने हर पल को महकाया, सजाया,
मेरी हर साँस में तेरा ही ज़िक्र है,
तेरे बिना जीना अब लगता मुश्किल है।
इश्क़ ने ही तो जीना सिखाया हमको,
हर दर्द को ख़ुशी में बदलना हमको,
यह तो वो ताक़त है जो अंदर भर जाए,
इश्क़ ही तो है जो जीवन को सँवार जाए।
जीवन का हर ख़्वाब तेरे इश्क़ से जुड़ा है,
तू ही मेरा अतीत, वर्तमान, और भविष्य भी है,
यह कैसी मोहब्बत है जो हर पल बढ़ती है,
तेरे इश्क़ से ही मेरी ज़िंदगी चलती है।
इश्क़ की मिठास से भरा है मेरा जीवन,
बिन तेरे हर पल अधूरा, हर दिन बेमन,
तेरी आँखों में है मेरी दुनिया सारी,
तू ही इश्क़ है, तू ही मेरी ज़िंदगी प्यारी।
ज़िंदगी की किताब का तू सबसे प्यारा अध्याय,
इश्क़ तेरा मुझपे, यह कब तक कोई बता पाए,
हर सुबह तेरी यादों से शुरू होती है,
इश्क़ तेरा ही तो मेरी ज़िंदगी होती है।
इश्क़ ने जीवन को एक नया मक़सद दिया,
हर पल को कुछ ख़ास ही बना दिया,
जो इश्क़ में डूबा, वो ही जाने इसका राज़,
यह तो वो एहसास है, जो देता है जीवन को नया अंदाज़।
जीवन की हर साँस में तेरा इश्क़ बसा है,
तेरे बिना हर पल सूना, हर रिश्ता बिखरा है,
तू ही मेरी उम्मीद, तू ही मेरा सुकून,
तेरे इश्क़ के बिना जीवन का क्या जुनून।
Ishq Shayari In Hindi Text | हिंदी में टेक्स्ट इश्क़ शायरी

दिल में दर्द हो तो दवा क्या करें,
इश्क़ ने ज़ख़्म दिया तो गिला क्या करें,
हर साँस में बस तू ही बसता है,
तेरे बिना जीना अब सज़ा सा लगता है।
इश्क़ की गलियों में खो गए हम,
तेरी चाहत में तन्हा हो गए हम,
ना दिन का पता, ना रात का ठिकाना,
बस तेरे दीदार के लिए दिल है दीवाना।
तेरी यादों में खोए रहते हैं,
हर पल बस तेरा ही नाम लेते हैं,
यह इश्क़ नहीं, यह तो इबादत है,
जिसमें हर साँस तेरी ही ज़रूरत है।
इश्क़ में हमें कुछ ऐसा मिला,
कि हर दर्द भी सुकून सा लगा,
तू मिल जाए तो जहान मिल जाए,
तेरे बिना हर पल बेज़ार सा नज़र आए।
जब से इश्क़ हुआ है तुझसे,
दुनिया हसीन लगने लगी मुझसे,
तू ही मेरी आँखों का नूर है,
तू ही मेरे दिल का सुरूर है।
तेरी धड़कन में मेरी मोहब्बत है,
इश्क़ तेरा मेरी सबसे बड़ी दौलत है,
यह दिल बस तेरे लिए बेक़रार है,
तेरे बिना हर साँस बेज़ार है।
इश्क़ का ये रोग है या दवा है,
तेरा साथ है तो हर दर्द हवा है,
अब तो हर पल बस तेरा ही इंतज़ार है,
इस दिल को बस तेरा ही प्यार है।
तेरी आँखों में इश्क़ का सागर है,
जिसमें मेरा दिल डूबा रहता है,
यह मोहब्बत नहीं, यह मेरा जुनून है,
तेरे बिना हर पल बेज़ुबान है।
इश्क़ है तो दर्द भी होगा ही,
बिन दर्द के इश्क़ कहाँ पूरा होगा जी,
हर ज़ख़्म में तेरा ही नाम लिखा है,
तेरी चाहत ने हमको क्या-क्या सिखाया है।
तेरी चाहत में हम इतने खो गए,
कि खुद को भी भूल बैठे सो गए,
यह इश्क़ नहीं, यह तो जादू है,
जिसने मेरे दिल को क़ाबू किया है।
इश्क़ में डूबे, तो दुनिया को भुला बैठे,
तेरी एक मुस्कान पे सब कुछ लुटा बैठे,
यह दिल बस तेरा ही है, ये बात मान ले,
तेरे बिना अब कहाँ जाए, ये बात जान ले।
तेरी यादों का साया हर पल रहता है,
यह इश्क़ भी कितना कुछ कहता है,
कभी हँसाए, कभी रुलाए जी भरकर,
यह इश्क़ ही तो है जो दिलाए सुकून जी भरकर।
इश्क़ ने मेरी रातें जगा दी,
दिन के चैन को भी उड़ा दी,
बस तुझसे मोहब्बत है, यह दिल कहे,
तेरे बिना हर लम्हा कैसे कटे।
तेरी तस्वीर आँखों में बसी रहती है,
इश्क़ ने मेरी सांसे थामे रखी है,
यह दिल बस तेरे लिए जीता है,
तेरी हर बात को सुनता है।
इश्क़ की गहराई में हम खो गए,
तेरे प्यार में हर पल जीते रहे सो गए,
यह जीवन भी तेरे नाम कर दिया है,
तेरे इश्क़ ने हमें अमर कर दिया है।
तेरी हर अदा पे मर जाते हैं,
तेरे इश्क़ में पागल हो जाते हैं,
यह कैसी तलब है, यह कैसा जुनून,
तेरे बिना हर पल बेज़ुबान, बेसुकून।
इश्क़ ने हमें बेख़ुद कर दिया,
दुनिया से हमें बेखबर कर दिया,
अब तो बस तू ही तू है मेरी हर साँस में,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरी तलाश में।
तेरी मोहब्बत में मेरा दिल धड़कता है,
तेरे इश्क़ में मेरा हर पल गुज़रता है,
यह कैसा अफ़साना है, यह कैसी कहानी,
तेरे इश्क़ में डूबी मेरी ज़िंदगानी।
इश्क़ की राहों में मिलते-मिलते,
हम खुद को भूल गए फिसलते-फिसलते,
बस तेरी ही तमन्ना अब रहती है,
तेरी एक नज़र पे ये जान भी जाती है।
तेरी साँसों में मेरी साँसें घुल जाएँ,
इश्क़ में तेरे हम इस कदर खो जाएँ,
यह दुनिया, यह ज़माना सब भूल जाएँ,
बस तेरी बाहों में ही हम सुकून पाएँ।
इश्क़ ने हमको कुछ इस तरह जकड़ा,
न कहीं चैन, न कहीं ठिकाना मिला,
यह पागलपन है या मोहब्बत है,
तेरी हर साँस में मेरी रंगत है।
तेरी नज़रों का जादू मुझपे चला,
इश्क़ का पैग़ाम कुछ ऐसा मिला,
अब तो बस तेरा ही दीदार चाहता हूँ,
इस दिल को बस तेरा ही प्यार बहलाता है।
इश्क़ की आग में जलकर भी हँसते हैं,
तेरी यादों में ही हर पल जीते हैं,
यह कैसी मोहब्बत है, यह कैसा प्यार,
तेरे बिना हर पल मेरा बेक़ार।
दिल ने तुझको चुना, तेरी चाह में,
इश्क़ ने हमें डाल दिया राह में,
हर ख़ुशी, हर गम, अब है तुझसे,
तेरी मोहब्बत ने सिखाया मुझे जीने कैसे।
तेरी आँखों का नशा, तेरे होंठों की हँसी,
इश्क़ ने हमको कर दिया कुछ ऐसा, जी,
तेरी चाहत है मेरी, हर पल, हर साँस,
तू ही मेरी आख़री उम्मीद, तू ही मेरी आस।
Ishq Shayari In Hindi For Girl | लड़की के लिए हिंदी में इश्क़ शायरी

तेरी आँखों में वो जादू है, जो हर दिल पे छा जाए,
तेरी हँसी ऐसी, जो मेरे दिन को जगमगाए,
इश्क़ तुमसे हुआ है कुछ इस कदर मुझको,
कि तेरे सिवा कोई और भाए न मुझको।
तू मेरी सुबह, तू ही मेरी शाम है,
ए हसीं लड़की, तू ही मेरा पैगाम है,
तेरी चाहत में मेरा हर पल कटता है,
तेरे बिना यह दिल बहुत डरता है।
तेरी खूबसूरती ने दिल को छू लिया है,
इश्क़ तेरा मुझपे कुछ इस कदर छा गया है,
तू ही मेरी दुनिया, तू ही मेरा जहान है,
तेरे बिना मेरा हर पल बेजान है।
जब से देखा है तुझे, होश खो बैठा हूँ,
तेरे इश्क़ में अब मैं पागल हो बैठा हूँ,
तेरी हर अदा पे मेरा दिल फ़िदा है,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरी ख़ुदा है।
तेरी ज़ुल्फ़ों के साये में जीना चाहता हूँ,
तेरे हाथों से इश्क़ का जाम पीना चाहता हूँ,
तू ही मेरी आरज़ू, तू ही मेरी ख़्वाहिश है,
दिल में बस तेरा ही इश्क़ शामिल है।
तेरी एक मुस्कान पे दिल हार जाऊँ मैं,
तेरे इश्क़ में हँसते-हँसते मर जाऊँ मैं,
ऐ मेरी महबूबा, तू इतनी हसीं है,
तेरे बिना मेरी ज़िंदगी कुछ भी नहीं है।
तेरी नज़रों में देखा है मैंने अपना जहान,
इश्क़ तेरा है मेरी सबसे बड़ी पहचान,
तू ही मेरी चाँदनी, तू ही मेरा सितारा है,
तेरे बिना मेरा हर पल बेसहारा है।
तेरी बातों में वो जादू है, जो मुझे खींचता है,
इश्क़ तेरा मुझपे कुछ ऐसा असर करता है,
तू मेरी हर सोच, तू मेरा इंतज़ार है,
तेरे बिना हर पल मेरा बेकरार है।
ए चाँद सी लड़की, तू ही मेरी चांदनी है,
तेरे इश्क़ में मेरी ज़िंदगी दीवानी है,
हर पल तेरी महक मेरे साथ रहती है,
तू ही मेरी ख़ुशी, तू ही मेरी हर बात कहती है।
तेरी आदाओं पे मेरा दिल फ़िदा है,
इश्क़ तेरा मुझपे कुछ इस कदर सदा है,
तेरी हर बात पे दिल यकीन करता है,
तू ही मेरी जान, तू ही मेरा प्यार है।
तेरी आँखों में वो गहराई है, जहाँ मेरा दिल डूबा है,
तेरी साँसों में वो ख़ुशबू है, जो मेरे रूह को छूती है,
इश्क़ तेरा मेरी ज़िंदगी की धड़कन है,
तू ही मेरी धड़कन, तू ही मेरी तड़पन है।
जब भी देखता हूँ तुम्हें, दिन खुशनुमा लगता है,
इश्क़ तेरा मुझको हर पल बहलाता है,
तेरी बातें मेरी हर रात को रोशन करती हैं,
तू ही तो है जो मेरी हर ख़ुशी भरती है।
तेरी ज़ुल्फ़ों के साये में मैं खो जाऊँ,
तेरी मीठी बातों में मैं रम जाऊँ,
इश्क़ तेरी चाहत, इश्क़ तेरी इबादत है,
तू ही मेरी सबसे बड़ी चाहत है।
तेरी तस्वीर दिल में, तेरी याद ज़हन में,
तेरे इश्क़ में हम डूब गए हैं चैन में,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा ठिकाना है,
तेरे बिना जीना अब बेगाना है।
तेरी हर अदा पे दिल कुर्बान मेरा,
इश्क़ में तेरे मैं बेजान तेरा,
तू ही मेरी आरज़ू, तू ही मेरी सदा है,
तेरी मोहब्बत ने मुझे ख़ुदा बना दिया है।
तेरी हँसी, तेरी बातें, तेरा अंदाज़,
इश्क़ तेरा मेरी ज़िंदगी में है ख़ास,
तू ही मेरी सुबह, तू ही मेरी शाम है,
तेरे इश्क़ में ही तो मेरा हर काम है।
तेरी सादगी पे मेरा दिल फ़िदा हुआ है,
इश्क़ तेरा मेरे रूह में समा गया है,
तू ही मेरी प्रेरणा, तू ही मेरी आशिकी,
तेरे बिना हर पल मेरा बेज़ार है जी।
तेरी एक झलक से दिन बन जाता है मेरा,
इश्क़ तेरा हर पल मुझको घेरता है,
तेरी मोहब्बत में मेरा नाम लिख दूं,
तेरे प्यार में ही हर ख़ुशी पा लूं।
तेरी आँखों की गहराई में डूब जाना है,
इश्क़ तेरा मुझको हर पल तड़पाना है,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरी राह है,
तेरे बिना जीना अब गुनाह है।
तेरी बातों में मिठास, तेरी आँखों में जादू,
इश्क़ तेरा कर दे मुझको बेकाबू,
तू ही मेरा चाँद, तू ही मेरा आसमान,
तेरे इश्क़ में मेरा हर पल है जवान।
तेरी हर अदा पे प्यार आता है,
इश्क़ तेरा मुझको हर पल सताता है,
तेरी चाहत में मेरा दिल रोता है,
तेरे बिना हर पल बेज़ार होता है।
तेरी क़सम, तुझसे इश्क़ हो गया है,
मेरा हर पल तेरे नाम हो गया है,
तू ही मेरी ज़िंदगी, तू ही मेरी जान,
तेरे बिना अब कहाँ मेरा ईमान।
तेरी नज़रों से मेरी नज़रें मिलीं,
इश्क़ की कलियाँ मेरे दिल में खिलीं,
तू ही मेरा जहान, तू ही मेरा संसार,
तेरे बिना हर पल मेरा बेक़रार।
तेरी साँसों में मेरी साँसें घुल जाएँ,
तेरे इश्क़ में हम इस कदर खो जाएँ,
यह दुनिया, यह ज़माना सब भूल जाएँ,
बस तेरी बाहों में ही हम सुकून पाएँ।
तेरी अदाओं का जलवा है कुछ ऐसा,
मेरे दिल ने कभी भी न सोचा ऐसा,
इश्क़ है तुझसे, यह इक़रार करता हूँ,
तेरे बिना हर पल, दिल से मरता हूँ।
Ishq Shayari In Hindi | हिंदी में इश्क़ शायरी

तेरी आँखों में डूब जाने को दिल करता है,
तेरी बाहों में सारी उम्र गुजारने को दिल करता है,
इश्क़ ऐसा हुआ है तुमसे कि बस,
हर साँस तेरे नाम करने को दिल करता है।
इश्क़ तो एक इबादत है, एक ख़ुदगर्जी का नाम,
जो हो जाए किसी से तो लगता है सारे जहान से अच्छा,
नाज़ुक सा रिश्ता है, बड़ी मुश्किल से निभाना पड़ता है,
कभी हँसाता है, कभी रुलाता है, पर इश्क़ ही है सब कुछ।
दिल में तेरी तस्वीर, आँखों में तेरा चेहरा,
इश्क़ ने हमको कुछ इस कदर घेरा,
हर पल तेरी याद, हर लम्हा तेरा इन्तज़ार,
इश्क़ ने कर दिया है हमको बेक़रार।
इश्क़ की गलियों में खो गए हम,
तेरी एक झलक के लिए दीवाने हो गए हम,
अब तो हर पल बस तेरा ही इंतज़ार है,
लगता है, तुझसे ही मेरा संसार है।
तू मेरी सुबह, तू ही मेरी शाम है,
इश्क़ मेरा तुझसे, ये मेरा पैगाम है,
कैसे बताऊँ कितनी मोहब्बत है तुमसे,
तू ही मेरी जान, तू ही मेरी पहचान है।
तेरे इश्क़ में रंगा हर लम्हा मेरा,
तेरे बिना अब कुछ भी नहीं मेरा,
यह दिल बस तेरे लिए धड़कता है,
तेरी यादों में मेरा हर पल गुज़रता है।
हम तो फ़ना हो गए तेरे इश्क़ में,
तेरी एक निगाह पे सब कुछ लुटा दिया,
क्या बताएँ कैसा है यह रिश्ता मेरा,
तेरी हर अदा पे दिल हार दिया।
इश्क़ ने हमें शायर बना दिया,
हर बात में तेरा ही ज़िक्र आ गया,
यह कैसी आग है जो अंदर जलती है,
जिंदगी तेरे बिना अब ढलती है।
रूह से रूह का मिलाप है यह,
इश्क़ नहीं, कोई अल्फ़ाज़ है यह,
तेरी ख़ामोशी भी मैं पढ़ लेता हूँ,
तेरी हर बात मैं समझ लेता हूँ।
इश्क़ में डूब कर मिट जाएँगे,
अगर तुम साथ हो तो जी जाएँगे,
क्या फ़र्क पड़ता है दुनिया का,
हम तो बस तेरी मोहब्बत पाएँगे।
तेरी चाहत में खोया यह दिल मेरा,
निशान बन गया इश्क़ का चेहरा तेरा,
हर पल तेरी आरज़ू, हर पल तेरा इंतज़ार,
बस तेरे दीदार के लिए यह दिल बेक़रार।
इश्क़ की गहराई को कौन नाप पाएगा,
जो इसमें डूबा, वही इसे जान पाएगा,
यह तो एक नशा है, एक जुनून है,
इसमें जीने का अपना ही सुकून है।
तेरी हर बात में इश्क़ नज़र आता है,
तेरे हर अंदाज़ में दिल बहल जाता है,
कैसे रोकूँ इस बेताब दिल को मैं,
यह तो बस तुझसे ही मोहब्बत चाहता है।
इश्क़ की राहो में चलते-चलते,
हम खुद को भूल गए मिलते-मिलते,
तेरी साँसों में अब मेरी साँसें हैं,
यह कैसा अनोखा प्यार है, यह कैसी बातें हैं।
जब से तू मेरी ज़िंदगी में आई,
हर ख़ुशी मेरे मुक़द्दर में समाई,
इश्क़ तेरा मेरी रूह में बस गया,
मेरा हर पल तुझमें खो गया।
तेरी हँसी तेरी आँखों का जादू है,
इश्क़ तेरा मुझपे कुछ इस कदर हावी है,
हर पल तेरी यादें, हर पल तेरा ख़याल,
तू ही मेरे इश्क़ का सबसे हसीन सवाल।
इश्क़ सिर्फ दो लफ़्ज़ों का नाम नहीं,
यह तो एक एहसास है, एक पैगाम है,
जिसे हर दिल समझ नहीं पाता,
यह तो बस वो ही जाने जो प्यार में डूब जाता।
तेरी मोहब्बत ने मुझे जीना सिखाया,
हर मुश्किल से मुझे लड़ना सिखाया,
इश्क़ तेरा मेरी पहचान बन गया,
तू ही मेरा इकलौता अरमान बन गया।
इश्क़ में डूबा हूँ, अब निकलने का मन नहीं,
तेरे बिना मुझे अब साँस लेने का मन नहीं,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा रास्ता,
तेरे बिना अब कहीं और नहीं ये वास्ता।
ये इश्क़ की दुनिया है बड़ी निराली,
कभी हँसाए, कभी दे उदासी,
मगर जो भी हो, इसमें जीना है,
बस तुझसे मोहब्बत का जाम पीना है।
इश्क़ का रंग मुझपे कुछ ऐसा चढ़ा,
हर पल बस तेरा ही नशा चढ़ा,
न दिन का पता, न रात का ठिकाना है,
यह दिल बस तेरा ही है, तेरा ही दीवाना है।
तेरी आँखों की गहराई में खो जाऊँ,
तेरे इश्क़ की हर हद से आगे निकल जाऊँ,
यह ज़िंदगी तेरे बिना अब अधूरी है,
तू ही मेरी हर चाहत, तू ही मेरी मजबूरी है।
इश्क़ बिना जीवन का क्या मोल है,
यह तो एक अनमोल तोहफ़ा है,
जो मिले किसी से तो दिल खिल जाता है,
ये इश्क़ ही है जो सबको भाता है।
इश्क़ की बातें, इश्क़ के अफ़साने,
जब से तुम मिले हैं, हम हो गए पुराने,
तेरी बाहों में पनाह मिल जाए अगर,
तो यह दिल कहेगा, बस यही है मेरा घर।
तेरा साथ है तो हर राह आसान है,
इश्क़ तेरा मेरी सबसे बड़ी पहचान है,
यह दिल बस तेरे लिए ही धड़कता है,
तेरी ही यादों में हर पल भटकता है।
Adhura Ishq Shayari In Hindi | हिंदी में अधूरा इश्क़ शायरी

अधूरा इश्क़ लेकर जी रहे हैं हम,
पूरा हो न सका, ये कैसा है गम,
तेरी यादों में हर पल खोए रहते हैं,
आँखों से आँसू बस बहते रहते हैं।
इश्क़ अधूरा रह गया, ये कैसी सज़ा,
हो न सका साथ तेरा, क्या थी मेरी खता,
हर पल बस तेरी यादों में गुज़रता है,
टूटा हुआ दिल अब भी तड़पता है।
न मंज़िल मिली, न राह पूरी हुई,
इश्क़ की कहानी मेरी अधूरी हुई,
तेरी चाहत में हर पल जीता हूँ मरता हूँ,
अधूरे इश्क़ में बस आहें भरता हूँ।
अधूरे इश्क़ का दर्द सहते हैं,
तेरी यादों में आँसू बहते हैं,
क्या करें, किस्मत ही ऐसी थी,
तेरे बिना मेरी हर बात अधूरी थी।
तेरी तस्वीरों से बातें करते हैं,
अधूरे इश्क़ में बस जलते रहते हैं,
न मिल सके हम, न हो सके जुदा,
ये कैसा इश्क़ है, ये कैसी ख़ुदा।
दिल में तेरा इंतज़ार लिए बैठे हैं,
अधूरे इश्क़ की ज़िद लिए बैठे हैं,
कब आओगे, ये आस लगाए बैठे हैं,
तेरे बिना हर पल घबराए बैठे हैं।
इश्क़ ने हमको अधूरा छोड़ दिया,
सपनों को मेरे तोड़ दिया,
अब तो बस तनहाई है संग मेरे,
तेरे बिना अधूरा है हर रंग मेरे।
अधूरा इश्क़, अधूरी बात है,
हर लम्हा तेरी याद साथ है,
कैसे काटूँ ये ज़िंदगी तेरे बिना,
तू ही तो थी मेरी हर हसीन सपना।
ग़मों के सागर में हम डूब गए,
इश्क़ अधूरा ही मेरा रह गया,
हर पल बस तेरी याद आती है,
मेरा टूटा दिल बस यही दोहराती है।
अधूरी सी मुलाक़ातें, अधूरे से वादे,
इश्क़ में तेरे हम रह गए आधे,
न ज़िद छोड़ी, न मोहब्बत कम हुई,
बस तेरी जुदाई से आँखों में नमी हुई।
इश्क़ की राहों में बिछड़ गए हम,
सफ़र अधूरा रह गया, ये कैसा गम,
हर साँस में बस तेरी ही कमी है,
अधूरी आहों में मेरी आँखें भी नम्मी हैं।
तेरे इश्क़ में हमने सब कुछ लुटा दिया,
पर तू अधूरा ही हमें छोड़ गया,
अब तो बस तेरी यादें हैं साथ मेरे,
ग़मों के बादल छाए हैं अब हर तरफ मेरे।
अधूरा इश्क़ भी एक इम्तिहान है,
जो दिल को देता बड़ा नुकसान है,
हर पल ये दिल बस तड़पता है,
तेरी यादों में ही ये धड़कता है।
न मिल सके, न बिछड़ सके पूरी तरह,
इश्क़ हमारा रहा अधूरा ही भरा,
तेरे बिना हर पल है सूना-सूना,
अब तो बस तेरी यादों से जीना है दूना।
अधूरी चाहत में दिल को कहाँ चैन,
आँखों में बस तेरी यादों का है रेन,
यह दर्द अधूरा इश्क़ का क्या करें,
तेरे बिना कैसे हम जिएँ या मरें।
इश्क़ की अधूरी दास्तान लिख गए,
हम तो बस तेरी यादों में ही टिक गए,
ज़िंदगी गुज़र रही है तेरी जुदाई में,
यह दिल बस तड़पता है तेरी रुसवाई में।
अधूरा इश्क़ एक दर्द भरी कहानी है,
जो हर दिल की अधूरी निशानी है,
न पूरा हो सका, न भुलाया जा सका,
बस यादों के सहारे ही इसको जिया जा सका।
तेरी चाहत में हम अधूरे रह गए,
सारे अरमां मेरे टूटे हुए बह गए,
यह कैसी मोहब्बत है, यह कैसा फ़साना,
तेरे बिना हर पल मेरा बेकरार ज़माना।
अधूरे इश्क़ में कहाँ मिलता है सुकून,
हर पल बस दिल को मिलता है जुनून,
तेरे बिना हर पल है बेक़रारी का आलम,
अब तो बस तेरी यादों में है हर गम।
इश्क़ का ये अधूरा सा रिश्ता है,
जो दिल में बसता है, रुलाता रहता है,
न मिल पाए हम, न हो पाए जुदा,
बस यही है अब दिल की सदा।
अधूरी मोहब्बत का बोझ है दिल पे,
हर पल ये कहता है, नहीं हो पाएगा मेल,
तेरी यादें मेरी रूह में बस गई हैं,
तेरे बिना मेरी हर ख़ुशी हँस रही हैं।
इश्क़ तो था, पर मुक़म्मल न हो सका,
तेरा साथ हमें हासिल न हो सका,
अधूरे इश्क़ की दास्तान सुनाते हैं,
हम तेरे बिन अब भी मुस्कुराते हैं।
अधूरी सी ज़िंदगी, अधूरा सा प्यार,
तेरी यादों में डूबा हर बार,
न चाहते हुए भी तेरा इंतज़ार करते हैं,
अधूरे इश्क़ में ही अब हम जीते-मरते हैं।
तेरी जुदाई का ग़म झेलते हैं,
अधूरे इश्क़ की आग में जलते हैं,
क्या करें, किस्मत ने हमें ठगा,
हमारा इश्क़ अधूरा ही रह गया।
अधूरा इश्क़ एक दर्द का निशान है,
जो दिल को देता हर पल नया इम्तिहान है,
न भूल पाए, न आगे बढ़ पाए हम,
यह अधूरा इश्क़ है, जिसका नहीं कोई ख़त्म।
Gustakh Ishq Shayari In Hindi | हिंदी में गुस्ताख़ इश्क़ शायरी

ये कैसा गुस्ताख़ इश्क़ है, जो दिल पे छा गया,
हदों को तोड़कर, हर हद से आगे बढ़ गया,
तेरे एक दीदार की ख़ातिर बेक़रार है ये,
ये गुस्ताख़ दिल कुछ भी करने को तैयार है ये।
गुस्ताख़ इश्क़ की बातें, गुस्ताख़ सी आँखें,
तेरे हुस्न ने कर दिया मुझको परवाने,
इस दिल पे ज़ोर नहीं, ये तो बेकाबू है,
तेरी हर अदा पे यह करता बस जादू है।
इश्क़ मेरा गुस्ताख़ है, ज़माने की परवाह नहीं,
तेरी चाहत में, यह दिल अब कहीं और नहीं,
सारी हदें तोड़ी, ज़माने से भी टकरा गए,
तेरे दीदार के लिए हम हर हद से गुज़र गए।
तेरी आँखों का नशा, यह गुस्ताख़ इश्क़ है,
जो हर बात पे बस तेरा ही ज़िक्र है,
न कोई बंधन, न कोई दीवार रोके,
ये इश्क़ तो बस तुझको ही चाहता हर झरोके।
गुस्ताख़ दिल है, गुस्ताख़ मेरी मोहब्बत है,
यह तो बस तेरी चाहत और हसरत है,
लोग लाख कहें, पर ये बात नहीं मानी,
तेरे इश्क़ में बन गई मेरी ज़िंदगानी।
इश्क़ की गुस्ताख़ी में हर हद पार की,
ज़माने की फ़िक्र को हमने कब की नकार दी,
बस तू ही है मेरे दिल का अब सुकून,
यह गुस्ताख़ इश्क़ है, मेरा नया जुनून।
ये गुस्ताख़ इश्क़ है, जो मुझे सताता है,
तेरी हर अदा पे ये दीवाना बन जाता है,
न दिन का होश, न रात का ठिकाना है,
यह दिल बस तेरे इश्क़ का दीवाना है।
तेरी चाहत में हम इतने गुस्ताख़ हो गए,
अपनी राहों पे भी बेख़ौफ़ हो गए,
लोग चाहे कुछ भी कहें, हमें फ़र्क नहीं,
तुझसे इश्क़ है, ये मेरा हक़ है।
ग़ुस्ताख़ी है इश्क़ में तो क्या हुआ,
तेरी निगाहों ने तो मुझे भी गुस्ताख़ किया,
अब तो हर पल बस तुझे ही चाहता हूँ,
तेरे इश्क़ में ही जीता, बस मरना चाहता हूँ।
यह गुस्ताख़ इश्क़ है, जो कुछ बोलता नहीं,
बस तेरी तस्वीर देख कर दिल बहलता है,
हर पल तेरी याद, हर लम्हा तेरा नाम,
यह गुस्ताख़ इश्क़ है, मेरा हर काम।
इश्क़ की गुस्ताख़ी ने मुझे पागल बना दिया,
तेरी हर बात में मुझे अपना बना लिया,
न नींद आती है, न चैन मिलता है,
तेरे इश्क़ में यह दिल बस जलता है।
तेरी ख़ूबसूरती पे ये दिल गुस्ताख़ हुआ,
इश्क़ में तेरे मेरा हर पल मुतालिक हुआ,
यह कैसी चाहत है, यह कैसा जुनून,
तेरे बिना हर पल मेरा बेज़ुबान, बेसुकून।
गुस्ताख़ इश्क़ है, पर सच्चा है मेरा प्यार,
हर पल बस तेरा ही करता इंतज़ार,
न ज़माने की फ़िक्र, न दुनिया का डर,
बस तुझसे मोहब्बत है, ये मेरा हमसफ़र।
तेरी निगाहों की गुस्ताख़ी है कुछ ऐसी,
मेरे दिल में तूने अपनी जगह बना ली जैसी,
यह इश्क़ नहीं, यह तो जादुई सा असर है,
तेरी चाहत में ये दिल अब बेख़बर है।
गुस्ताख़ इश्क़ ने सब कुछ भुला दिया,
तेरे नाम पे मेरा हर पल लुटा दिया,
यह तो वो आग़ है जो बुझती नहीं,
तेरा इश्क़ ही तो है, जो अब सजती है।
तेरी हर अदा पे मेरा दिल करता है गुस्ताख़ी,
इश्क़ में तेरे मैं भूला अपनी सादगी,
हर पल बस तेरी ही धुन सवार है,
तेरे बिना यह दिल अब बेक़रार है।
गुस्ताख़ इश्क़ की ये दास्तान है पुरानी,
तेरी मोहब्बत में हो गई मेरी ज़िंदगानी,
न कोई राह, न कोई मंज़िल है,
बस तेरे इश्क़ में ही अब सब कुछ हासिल है।
तेरी चाहत ने बनाया मुझे गुस्ताख़ दिल,
कहाँ जाऊँ अब, न मिली कोई मंज़िल,
यह इश्क़ नहीं, ये तो दीवानगी है,
जो तेरे नाम पे हर पल जी रही है।
गुस्ताख़ी कर गया इश्क़ मेरा तुझसे,
कोई उम्मीद नहीं अब दुनिया से,
बस तेरी ही ज़रूरत है हर पल,
तेरे बिना जीना अब लगता है बेहल।
इश्क़ में गुस्ताख़ तो होना ही पड़ता है,
बिना परवाह के ही तो दिल चलता है,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा रास्ता,
तेरी चाहत से ही मेरा वास्ता।
तेरी नज़रों की गुस्ताख़ी है निराली,
इसने हर दिल पे रंगत डाली,
मेरे इश्क़ में भी है वही गुस्ताख़ी,
तेरी चाहत में दिल की है आशिकी।
गुस्ताख़ इश्क़ ने हमें जीना सिखाया,
हर मुश्किल को हँसकर सहना सिखाया,
यह तो वो नशा है जो चढ़ जाए,
इश्क़ ही तो है जो दुनिया को हरा जाए।
तेरी बातों में वो गुस्ताख़ी है,
जो मेरे दिल को हमेशा भाती है,
इश्क़ मेरा तुझसे अब बन गया पहचान,
तेरे बिना हर पल मेरा है बेजान।
जब से इश्क़ हुआ, ये दिल गुस्ताख़ हो गया,
तेरे नाम पे मेरा हर पल ख़ुदगर्ज हो गया,
ये कैसी मोहब्बत है, ये कैसा जुनून,
तेरे बिना हर पल मेरा बेज़ुबान, बेसुकून।
गुस्ताख़ी करने की आदत पड़ गई है,
तेरे इश्क़ में मुझको अब हर बात अच्छी लग गई है,
यह दिल बस तेरा ही है, ये बात मान ले,
तेरे बिना अब कहाँ जाए, ये बात जान ले।
Ek Tarfa Ishq Shayari In Hindi | हिंदी में एकतरफा इश्क़ शायरी

एकतरफा इश्क़ का ये दर्द भी क्या खूब है,
वो बेखबर है, मेरा दिल बस डूबा हुआ है,
न मिलन की आस, न जुदाई का ग़म,
बस तेरी यादों में ही कटते हैं मेरे ये पल।
मेरा इश्क़ एकतरफा, मेरी चाहत एकतरफा,
तेरी हर अदा पे मेरा दिल मरता,
तू कभी न जान पाएगा, कितना प्यार है तुझसे,
ये दिल बस धड़कता रहता है चुपचाप मुझसे।
तेरी ख़ामोशी में भी मुझे बातें सुनाई देती हैं,
एकतरफा इश्क़ में मेरी आँखें भीगती रहती हैं,
न इक़रार की उम्मीद, न इनकार का डर,
बस तेरी फ़िक्र में गुज़रता है हर प्रहर।
एक तरफ़ा मोहब्बत में, दिल टूटता है बार-बार,
पर फिर भी उसको ही चाहे, ये कैसा प्यार,
न उसके दिल में जगह, न उसकी आँखों में मैं,
बस अपनी ही चाहत में जीता हूँ मैं।
जानता हूँ, तू कभी मेरा न होगा,
फिर भी यह दिल बस तुझपे ही मरता होगा,
एकतरफा इश्क़ है मेरा, बड़ा ही बेजुबान,
तेरी यादों में ही गुज़रती है मेरी हर शान।
तू मेरी कहानियों का अनकहा किरदार है,
मेरा एकतरफा इश्क़, मेरा एकतरफा प्यार है,
न तेरी कोई ख़बर, न तेरा कोई पैगाम,
बस तेरी यादों में ही मेरे दिन और शाम।
एकतरफा इश्क़ है, फिर भी इसमें सुकून है,
क्यूँकि ये दिल बस तुझसे ही मसरूफ है,
कोई उम्मीद नहीं तुझसे, न कोई शिकवा,
बस तेरी मुस्कान के लिए ही ये दिल ज़िंदा।
तेरी हर ख़ुशी पे मेरा दिल हँसता है,
मेरे एकतरफा इश्क़ का ये एहसास है,
जो दूर से ही सही, पर तेरा दीदार हो,
बस यही मेरी ज़िंदगी का प्यार हो।
एकतरफा इश्क़ ने मुझे शायर बना दिया,
अपनी ही धुन में मुझे पागल बना दिया,
अब तो हर बात में तेरा ही ज़िक्र है,
ये कैसा एकतरफा इश्क़, ये कैसी फ़िक्र है।
न तेरे आने की ख़ुशी, न तेरे जाने का ग़म,
एकतरफा इश्क़ में बस यहीं तक हम,
हर पल बस तेरी यादों में डूबे रहते हैं,
ख़ुद से भी ज़्यादा तुझको चाहते रहते हैं।
तेरी आँखों में अपनी दुनिया देखी है,
पर एकतरफा इश्क़ में बस तन्हाई ही मिली है,
न जाने कब तू समझेगा ये चाहत मेरी,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरी राह मेरी।
एकतरफा इश्क़ में बस दर्द ही मिला,
पर फिर भी इस दिल को न कोई गिला,
तेरी ख़ुशी में ही मेरी ख़ुशी ढल जाती है,
तेरी यादों से ही मेरी रातें कट जाती हैं।
कभी-कभी लगता है, ये कैसा गुनाह किया,
एकतरफा इश्क़ में खुद को तबाह किया,
पर तेरी चाहत में जीना भी तो एक क़रामात है,
यह मेरा एकतरफा इश्क़, मेरी हर रात है।
तेरा नाम लिख दिया है मैंने अपनी तकदीर में,
एकतरफा इश्क़ में डूबे हुए अपनी ही तस्वीर में,
न तुझे ख़बर है, न तू कभी जान पाएगा,
यह दिल बस तुझसे ही प्यार जताएगा।
एकतरफा इश्क़ की क्या अजीब दास्तान है,
ख़ामोशियों में भी इसकी छुपी पहचान है,
न कोई आवाज़, न कोई इज़हार है,
बस आँखों में तेरे लिए बेपनाह प्यार है।
दूर से ही तुझको निहारते रहते हैं,
एकतरफा इश्क़ में हर पल मरते रहते हैं,
यह दिल बस तेरा है, यही बात कहता है,
तेरे बिना हर पल मेरा तनहा रहता है।
तेरी एक मुस्कान पे दिल हार जाता है,
एकतरफा इश्क़ में हर पल मुस्कुराता है,
तू मेरा न हो, यह दिल जानता है,
फिर भी तुझसे ही मोहब्बत मानता है।
एकतरफा मोहब्बत में, ये दिल ज़िंदा है,
तेरी यादों में हमेशा शर्मिंदा है,
न कोई शिकायत, न कोई आरज़ू है,
बस तू हमेशा ख़ुश रहे, यही जुस्तजू है।
तेरी हर तस्वीर को मैं पूजा करता हूँ,
एकतरफा इश्क़ में तुझे ही चाहता हूँ,
न मिले तो ग़म नहीं, पर तेरी यादें हैं,
यही तो मेरे एकतरफा इश्क़ के वादे हैं।
एकतरफा इश्क़ की अपनी अलग दुनिया है,
जहाँ बस एक चाहने वाला और उसकी दुनिया है,
न कोई शिकायत, न कोई उम्मीद लगाए,
बस उसकी ख़ुशी में ही ख़ुद को पाए।
तू अनजान, मैं तेरा दीवाना हूँ,
एकतरफा इश्क़ में बस यूँ ही फना हूँ,
तेरी हर अदा पे मेरा दिल फ़िदा है,
तू भले न माने, पर मेरा इश्क़ सदा है।
एकतरफा इश्क़ में दर्द भी मीठा लगता है,
जब तेरी यादों का साया दिल पे बरसता है,
न कोई शब, न कोई सवेरा मेरा,
बस तेरी यादों में ही है ये बसेरा मेरा।
तेरी राहों में आँखें बिछाए बैठे हैं,
एकतरफा इश्क़ में सब कुछ लुटाए बैठे हैं,
यह दिल तो बस तेरा ही हो कर रहेगा,
भले ही तेरा इश्क़ एकतरफा ही रहेगा।
एकतरफा इश्क़ की है अजीब सी बात,
जिसमें तड़पता है दिल हर रात,
न मंज़िल पर पहुँचे, न राहों में रुके,
बस तेरी चाहत में हम अधूरे ही झुके।
मेरा इश्क़ एकतरफा, ये मेरा फ़ैसला है,
तेरी ख़ुशी में ही मेरा हर हौसला है,
न तुझे ख़बर है, न तुझे याद मेरी,
पर तेरी चाहत में ही तो है बहार मेरी।
Sad Ishq Shayari In Hindi | हिंदी में सैड इश्क़ शायरी

इश्क़ में बिछड़ गए हम, ये कैसी सज़ा मिली,
आँखों में आँसू, और दिल में बेचैनी खिली,
हर पल अब तन्हाई है, हर लम्हा वीरान,
तेरी यादों में जीते हैं, यह कैसा इम्तिहान।
दिल टूटा, और इश्क़ भी अधूरा रह गया,
जो कभी अपना था, वो मुझसे दूर बह गया,
सारी ख़ुशियाँ छीन गईं, बस ग़म ही मिले,
इश्क़ के इस दर्द को हम कैसे अकेले झेलें।
तेरी जुदाई का दर्द अब सहा नहीं जाता,
इश्क़ में ग़म के सिवा कुछ रहा नहीं जाता,
हर साँस में तेरी याद, हर पल तेरी कमी,
रोती रहती हैं आँखें, और दिल में है नमी।
इश्क़ ने हमको बर्बाद कर दिया,
हँसते हुए दिल को अब रुला दिया,
तेरे बिना जीना अब लगता है सज़ा,
ये प्यार नहीं, ये तो है बस बेवफ़ा।
जब से तू गया, मेरा सब कुछ खो गया,
इश्क़ मेरा सैड हो गया, दिल रो गया,
न दिन को चैन, न रात को सुकून है,
तेरी यादों में ही बस दिल का खून है।
तेरी यादें आँसुओं में बहती हैं,
सैड इश्क़ की कहानियाँ कहती हैं,
अब तो हर पल बस तेरा ही इंतज़ार है,
इस टूटे हुए दिल को बस तेरा प्यार है।
इश्क़ में दिल को बहुत दर्द मिला,
सारी ख़ुशियों को मैंने अलविदा कहा,
मेरा जहान है वीरान, मेरा दिल है उदास,
तेरे बिना जीवन में नहीं कोई आस।
तेरी बेवफ़ाई ने हमें सैड बना दिया,
जीते हुए इंसान को ही मार दिया,
यह इश्क़ नहीं, यह तो धोखा है,
जिसमें हर साँस अब रोता है।
अधूरा इश्क़ लेकर हम जी रहे हैं,
हर पल तेरी यादों में ही पी रहे हैं,
क्या करें, किस्मत ही ऐसी थी,
हमारा प्यार अब बस एक सैड स्टोरी थी।
इश्क़ का ये बोझ अब सहा नहीं जाता,
तेरे बिना मुझे अब रहा नहीं जाता,
हर पल तेरी यादों में तड़पता हूँ,
बस तेरे दीदार के लिए तरसता हूँ।
ज़ख़्मी दिल पे अब कोई मरहम नहीं,
सैड इश्क़ में अब कोई गम नहीं,
बस तेरी यादें, तेरी बातें बाकी हैं,
मेरी आँखों में अब बस तेरी ख़ाक ही है।
तेरी जुदाई ने मुझे कितना रुलाया,
इश्क़ ने मेरे सपनों को भी जलाया,
अब तो बस तनहाई है मेरी पहचान,
तेरे बिना हर पल मेरा बेजान।
इश्क़ में अब बस दर्द ही रहता है,
मेरा दिल अब बस ख़ामोशी सहता है,
तेरी मोहब्बत ने मुझे क्या दिया,
सिवाय ग़म के कुछ भी नहीं जिया।
सैड इश्क़ की राहों में हम खो गए,
तेरी यादों में हर पल रो गए,
न नींद आती है, न चैन मिलता है,
यह दिल बस तेरे लिए पलता है।
तेरी यादें अब मुझे रुलाती हैं,
इश्क़ के दर्द में डूबा देती हैं,
अब तो बस मेरा क़फ़न ही मेरा इंतज़ार है,
तेरे बिना हर साँस बेज़ार है।
इश्क़ ने मुझे ये क्या सिला दिया,
जो कभी मेरा था, मुझसे छीन लिया,
अब तो हर पल बस ग़म ही ग़म है,
तेरे बिना मेरा कोई हमदम नहीं।
सैड है दिल, सैड है मेरी दास्तान,
इश्क़ में मिला बस दर्द और ख़ुदगर्ज तान,
क्या करें, अब तो बस जीना सीख लिया,
तेरे बिना हँसते-हँसते सब कुछ पी लिया।
तेरी बेवफ़ाई ने दिल को तोड़ दिया है,
इश्क़ को मेरे ये क्या मोड़ दिया है,
हर आह में तेरा नाम, हर साँस में तेरा ज़िक्र,
अब तो बस दर्द ही है, और कोई फ़िक्र नहीं।
इश्क़ में हार गए हम, यह कैसा खेल है,
तेरी यादों से अब न कोई मेल है,
बस आँखों में आँसू, और दिल में तन्हाई,
सैड इश्क़ में मेरी ज़िंदगी हुई पराई।
तेरी ख़ामोशी ने मुझे खामोश कर दिया,
इश्क़ ने मेरे हँसी को बर्बाद कर दिया,
अब तो बस अँधेरा है हर तरफ,
तेरे बिना हर पल मेरा है बेदम।
सैड है मेरा इश्क़, सैड है मेरा अफ़साना,
तेरे बिना अब कहाँ जाए ये दीवाना,
न कोई मंज़िल, न कोई राह है मेरी,
अब तो बस तेरी यादों में ही है बसी मेरी।
इश्क़ ने हमें तन्हा छोड़ दिया है,
सब ख़ुशियों से हमें मोड़ दिया है,
अब तो बस रोना है, और ग़म सहना है,
तेरे बिना जीवन में अब क्या रहना है।
तेरी यादों ने मुझे पागल बना दिया,
सैड इश्क़ में मुझे अकेला छोड़ दिया,
यह कैसा प्यार है, यह कैसी चाहत,
जिसमें हर पल तड़पती है मेरी राहत।
इश्क़ के इस अँधेरे में हम खो गए,
तेरी जुदाई में हम पूरी तरह रो गए,
अब तो हर पल बस दर्द ही रहता है,
यह दिल बस ख़ामोशी सहता है।
सैड है मेरा दिल, सैड है मेरी ज़िंदगी,
इश्क़ में अब बची न कोई रोशनी,
तेरी यादों में हर पल जलता रहता हूँ,
तेरे बिना हर पल अब मरता रहता हूँ।
Kitabo Se Ishq Shayari In Hindi | हिंदी में किताबों से इश्क़ शायरी

किताबों से इश्क़ हमें कुछ ऐसा हुआ,
दुनिया की भीड़ में भी सुकून सा मिला,
हर पन्ने में एक नई कहानी मिलती है,
ये किताबों की दुनिया बड़ी निराली है।
किताबों से इश्क़ मेरा सच्चा है,
हर लफ्ज़ में गहरा एहसास है,
ये ज्ञान का सागर, ये असीम दुनिया,
इसमें खोकर मिलती है मुझे हर ख़ुशी।
जब भी बैठूं किताबों के साथ,
सारी दुनिया की फ़िक्र भूल जाता हूँ,
ये इश्क़ है मेरा किताबों से ऐसा,
जो हर दर्द को भी मिटाता है कैसा।
किताबों से इश्क़ की क्या बात है,
हर रात नई सोच लिए आती है,+
इनमें बातें हैं, इनमें जज़्बात हैं,
किताबें मेरी हर मुश्किल का जवाब हैं।
मेरी सच्ची मोहब्बत हैं ये किताबें,
जो हर पल देती हैं नई राहें,
इनकी कहानियों में मैं खो जाता हूँ,
हर पन्ने में एक नया संसार पाता हूँ।
किताबों से इश्क़ ने मुझे जीना सिखाया,
हर सवाल का जवाब इनमें है पाया,
ये दोस्त हैं मेरे, ये मेरी साथी हैं,
इन्हीं से मेरी दुनिया ख़ुशियों से पाटी है।
जब से किताबों से इश्क़ हुआ है मुझे,
हर पल एक नया ज्ञान मिला है तुझे,
ये ज्ञान का स्रोत, ये असीम भंडार,
इनमें मिलता है मुझे सच्चा प्यार।
किताबों में खोकर, दिल को सुकून मिलता है,
हर लफ्ज़ से एक नया जहाँ खिलता है,
ये मेरे अकेलेपन की सबसे हसीन साथी हैं,
इन्हीं से मेरी सारी ज़िंदगी रंगीन जाती है।
किताबों से इश्क़ की हदें कहाँ हैं,
हर पन्ने में मिलती हमें नई पनाहें,
इनमें इतिहास है, इनमें भविष्य की राह है,
यह किताबों से इश्क़, मेरे जीने की चाह है।
हर किताब एक नया दरवाज़ा खोलती है,
इश्क़ मेरा इनसे हर पल कुछ बोलती है,
ये मेरी सबसे अच्छी दोस्त हैं, मेरी साथी,
इन्हीं से मेरी दुनिया है सजाती।
किताबें तो मेरी सच्ची मोहब्बत हैं,
इनमें ही छिपी सारी राहतें हैं,
इश्क़ मेरा इनसे कुछ ऐसा है,
जो हर मुश्किल को आसान कर देता है।
किताबों से इश्क़ ने मुझे बहुत कुछ दिया,
हर दर्द को इनसे मैंने सहना सीख लिया,
ये मेरी ज़िंदगी की सबसे अनमोल पूंजी हैं,
इन्हीं से मेरी सारी ख़ुशियाँ गूंजी हैं।
रातें जग कर, किताबों में खो जाते हैं,
इश्क़ मेरा इनसे हर पल बढ़ता जाता है,
ये ज्ञान का भंडार, ये शब्दों का संगम,
किताबें मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा हमदम।
किताबों में वो जादू है, जो दिल को छू जाए,
इनसे इश्क़ करो तो हर ग़म भूल जाए,
ये हमें हर राह दिखाती हैं, हर बात बताती हैं,
ये किताबें ही तो हैं, जो हमें जीना सिखाती हैं।
मेरा इश्क़ किताबों से, यह जुदा ही है,
इनमें हर पल नई ख़ुशी मिलती है,
जो भी चाहो, वो इनमें पा लो गे,
किताबों से इश्क़ किया, तो दुनिया जीत लोगे।
किताबों में हर दर्द का इलाज़ है,
इनमें छुपा हर दिल का राज़ है,
इश्क़ मेरा इनसे गहरा और वफ़ादार है,
ये मेरी हर मुश्किल का बस एक ही हल है।
जब भी मायूस हो मेरा मन,
किताबें ही देती हैं मुझे सुकून,
ये इश्क़ है मेरा इनसे अमर सा,
जो हर पल रहता है मेरे अंदर ही सा।
किताबों में खो जाना, ये कैसा मज़ा है,
इश्क़ मेरा इनसे सच में ख़ुदा सा है,
न कोई धोखा, न कोई फ़रेब मिले,
बस किताबों में ही सच्चाई के गीत खिलें।
ज्ञान की राहों में चलती ये किताबें,
इश्क़ मेरा इनसे, है मेरी आदतें,
हर पल इनमें कुछ नया सिखाती हैं,
ये मेरी ज़िंदगी को रोशन बनाती हैं।
किताबों से इश्क़ की बात ही निराली है,
ये मेरी सबसे अच्छी सहेली हैं,
इनमें हर रंग है, हर कहानी है,
ये मेरी ज़िंदगी की सबसे अनमोल निशानी है।
जो समझे किताबों का मर्म,
उसे मिलेगा हर कर्म का धर्म,
इश्क़ मेरा इनसे गहरा और मीठा है,
हर पन्ने में ख़ुशी का गीत लिखा है।
किताबों की ख़ुशबू, इनका हर लफ्ज़,
इश्क़ मेरा इनसे है, हर पल का फ़र्ज़,
ये मेरी रातें रोशन करती हैं,
मेरी ज़िंदगी में रोशनी भरती हैं।
किताबों से इश्क़ ने मेरे दिल को बहलाया,
हर मुश्किल को इनसे मैंने आसान बनाया,
ये मेरी सबसे अच्छी हमदर्द हैं,
इन्हीं से मेरी सारी बातें कहती हैं।
किताबों में ही बसा है मेरा जहान,
इश्क़ मेरा इनसे, है मेरी पहचान,
ये दोस्ती कभी न टूटेगी,
ये इश्क़ कभी न छूटेगी।
किताबों से इश्क़, एक अनोखा रिश्ता है,
जिसे हर कोई दिल से जीता है,
ये ज्ञान का दरिया, ये फूलों की ख़ुशबू,
इश्क़ मेरा इनसे, है मेरी जुस्तजू।
Best Ishq Shayari In Hindi | हिंदी में बेस्ट इश्क़ शायरी

तेरी आँखों में देखा है मैंने अपना जहान,
इश्क़ तेरा है मेरी सबसे बड़ी पहचान,
तू ही मेरे दिल की धड़कन, तू ही मेरा सुकून,
तू ही मेरी चाहत, तू ही मेरा जुनून।
इश्क़ की गहराई को कौन नाप पाएगा,
जो इसमें डूबा, वही इसे जान पाएगा,
यह तो एक इबादत है, एक ख़ुदगर्जी का नाम,
जो हो जाए किसी से तो लगता है सारे जहान से अच्छा।
तेरे इश्क़ में रंगा हर लम्हा मेरा,
तेरे बिना अब कुछ भी नहीं मेरा,
यह दिल बस तेरे लिए धड़कता है,
तेरी यादों में मेरा हर पल गुज़रता है।
तेरी चाहत में हम इतने खो गए,
कि खुद को भी भूल बैठे सो गए,
यह इश्क़ नहीं, यह तो जादू है,
जिसने मेरे दिल को क़ाबू किया है।
जब से तू मेरी ज़िंदगी में आई,
हर ख़ुशी मेरे मुक़द्दर में समाई,
इश्क़ तेरा मेरी रूह में बस गया,
मेरा हर पल तुझमें खो गया।
इश्क़ ही तो है जो जीवन को सँवारता है,
हर उदासी को ख़ुशी में बदल देता है,
यह दिलों को जोड़े, रूहों को मिलाए,
ऐसे ही तो इश्क़ जीवन को गुलज़ार बनाए।
तेरी हँसी तेरी आँखों का जादू है,
इश्क़ तेरा मुझपे कुछ इस कदर हावी है,
हर पल तेरी यादें, हर पल तेरा ख़याल,
तू ही मेरे इश्क़ का सबसे हसीन सवाल।
इश्क़ में डूबा हूँ, अब निकलने का मन नहीं,
तेरे बिना मुझे अब साँस लेने का मन नहीं,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा रास्ता,
तेरे बिना अब कहीं और नहीं ये वास्ता।
रूह से रूह का मिलाप है यह,
इश्क़ नहीं, कोई अल्फ़ाज़ है यह,
तेरी ख़ामोशी भी मैं पढ़ लेता हूँ,
तेरी हर बात मैं समझ लेता हूँ।
तेरा साथ है तो हर राह आसान है,
इश्क़ तेरा मेरी सबसे बड़ी पहचान है,
यह दिल बस तेरे लिए ही धड़कता है,
तेरी ही यादों में हर पल भटकता है।
इश्क़ की गलियों में खो गए हम,
तेरी एक झलक के लिए दीवाने हो गए हम,
अब तो हर पल बस तेरा ही इंतज़ार है,
लगता है, तुझसे ही मेरा संसार है।
तेरी मोहब्बत ने मुझे जीना सिखाया,
हर मुश्किल से मुझे लड़ना सिखाया,
इश्क़ तेरा मेरी पहचान बन गया,
तू ही मेरा इकलौता अरमान बन गया।
ये इश्क़ की दुनिया है बड़ी निराली,
कभी हँसाए, कभी दे उदासी,
मगर जो भी हो, इसमें जीना है,
बस तुझसे मोहब्बत का जाम पीना है।
तेरी चाहत में खोया यह दिल मेरा,
निशान बन गया इश्क़ का चेहरा तेरा,
हर पल तेरी आरज़ू, हर पल तेरा इंतज़ार,
बस तेरे दीदार के लिए यह दिल बेक़रार।
इश्क़ का रंग मुझपे कुछ ऐसा चढ़ा,
हर पल बस तेरा ही नशा चढ़ा,
न दिन का पता, न रात का ठिकाना है,
यह दिल बस तेरा ही है, तेरा ही दीवाना है।
हम तो फ़ना हो गए तेरे इश्क़ में,
तेरी एक निगाह पे सब कुछ लुटा दिया,
क्या बताएँ कैसा है यह रिश्ता मेरा,
तेरी हर अदा पे दिल हार दिया।
इश्क़ ने हमें शायर बना दिया,
हर बात में तेरा ही ज़िक्र आ गया,
यह कैसी आग है जो अंदर जलती है,
जिंदगी तेरे बिना अब ढलती है।
इश्क़ सिर्फ दो लफ़्ज़ों का नाम नहीं,
यह तो एक एहसास है, एक पैगाम है,
जिसे हर दिल समझ नहीं पाता,
यह तो बस वो ही जाने जो प्यार में डूब जाता।
तेरी आँखों की गहराई में खो जाऊँ,
तेरे इश्क़ की हर हद से आगे निकल जाऊँ,
यह ज़िंदगी तेरे बिना अब अधूरी है,
तू ही मेरी हर चाहत, तू ही मेरी मजबूरी है।
तू मेरी सुबह, तू ही मेरी शाम है,
इश्क़ मेरा तुझसे, ये मेरा पैगाम है,
कैसे बताऊँ कितनी मोहब्बत है तुमसे,
तू ही मेरी जान, तू ही मेरी पहचान है।
इश्क़ की राहो में चलते-चलते,
हम खुद को भूल गए मिलते-मिलते,
तेरी साँसों में अब मेरी साँसें हैं,
यह कैसा अनोखा प्यार है, यह कैसी बातें हैं।
इश्क़ बिना जीवन का क्या मोल है,
यह तो एक अनमोल तोहफ़ा है,
जो मिले किसी से तो दिल खिल जाता है,
ये इश्क़ ही है जो सबको भाता है।
तेरी हर बात में इश्क़ नज़र आता है,
तेरे हर अंदाज़ में दिल बहल जाता है,
कैसे रोकूँ इस बेताब दिल को मैं,
यह तो बस तुझसे ही मोहब्बत चाहता है।
इश्क़ की बातें, इश्क़ के अफ़साने,
जब से तुम मिले हैं, हम हो गए पुराने,
तेरी बाहों में पनाह मिल जाए अगर,
तो यह दिल कहेगा, बस यही है मेरा घर।
इश्क़ में डूब कर मिट जाएँगे,
अगर तुम साथ हो तो जी जाएँगे,
क्या फ़र्क पड़ता है दुनिया का,
हम तो बस तेरी मोहब्बत पाएँगे।
Romantic Ishq Shayari In Hindi | हिंदी में रोमांटिक इश्क़ शायरी

तेरी आँखों का जादू, तेरी बातों का सुरूर,
इश्क़ ने किया मुझको तुझमें ही भरपूर,
हर पल तेरी बाहों में जीना चाहता हूँ,
मेरा यह रोमांटिक दिल सिर्फ तुझको चाहता हूँ।
तेरे साथ गुजरे हर लम्हे को मैं सँवार लूँ,
तेरे इश्क़ में खुद को पूरी तरह सँवार लूँ,
तू ही मेरी हर ख़ुशी, तू ही मेरा प्यार है,
तू ही मेरा सबसे रोमांटिक सा इंतज़ार है।
तेरी हर अदा पे मेरा दिल रोमांटिक होता है,
प्यार में तेरे हर पल खोया रहता है,
तेरी छुअन से मेरी साँसें मचल जाती हैं,
तेरी मोहब्बत मेरी ज़िंदगी को सजाती है।
रात की चाँदनी में तेरा चेहरा खिलता है,
रोमांटिक इश्क़ मेरा तुझसे हर पल मिलता है,
तेरी ख़ामोशी भी मुझे सब कुछ कह जाती है,
मेरी रूह में तेरी मोहब्बत समाई जाती है।
तेरी बाहों का घेरा, मेरा सबसे हसीन आशियाँ है,
इश्क़ तेरा मेरा सबसे प्यारा ज़हान है,
तेरी धड़कन में मेरी धड़कन बस्ती है,
तू ही तो मेरी सबसे रोमांटिक हस्ती है।
रोमांटिक है इश्क़ मेरा, रोमांटिक है हर बात,
तेरी चाहत में कटती है हर दिन और रात,
न नींद आती है, न चैन मिलता है,
यह दिल बस तेरे लिए ही मचलता है।
तेरी साँसों में सिमट जाऊँ, तेरी धड़कन में खो जाऊँ,
इश्क़ में तेरे मैं इस कदर रोमांटिक हो जाऊँ,
तेरी हर बात पे दिल मेरा मुस्कुराता है,
तू ही तो है जो मुझे जीना सिखाता है।
जब भी देखता हूँ तुम्हें, दिन मेरा बन जाता है,
रोमांटिक इश्क़ मेरा तुझसे बेपनाह हो जाता है,
तेरी हँसी, तेरी आँखें, तेरा अंदाज़,
तू ही तो है मेरी ज़िंदगी का सबसे हसीन राज़।
प्यार में तेरे मैं रोमांटिक हो गया हूँ,
सारी दुनिया को अब मैं भूल गया हूँ,
हर पल बस तेरा ही इंतज़ार रहता है,
यह दिल बस तेरे लिए ही धड़कता रहता है।
तेरी ज़ुल्फ़ों की छाँव में, मैं रहना चाहता हूँ,
तेरे होंठों से इश्क़ की बातें सुनना चाहता हूँ,
यह रोमांटिक पल, यह तेरी चाहत,
तू ही मेरी सबसे प्यारी राहत।
इश्क़ तेरा मेरा सबसे मीठा एहसास है,
रोमांटिक लम्हों का यह सिलसिला ख़ास है,
हर पल तू मेरे पास रहे, यही आस है,
तेरे बिना हर पल मेरा उदास है।
तेरी बाहों में आकर मुझे सुकून मिलता है,
इश्क़ तेरा मेरे दिल में हमेशा खिलता है,
तू ही मेरी सुबह, तू ही मेरी शाम है,
तू ही मेरी ज़िंदगी का सबसे प्यारा नाम है।
रोमांटिक है इश्क़ मेरा, ज़माने से जुदा,
तेरी चाहत में मेरा दिल है फ़िदा,
हर साँस में बस तेरा ही नाम है,
तू ही तो मेरी मोहब्बत का पैगाम है।
जब से तू आया है मेरी ज़िंदगी में,
हर पल रोमांटिक हो गया है मेरे दिल में,
तेरी बातों में वो जादू है, जो मुझे खींचता है,
मेरा दिल बस तुझसे ही प्यार चाहता है।
तेरी नज़रों का जादू, तेरे होंठों की हँसी,
रोमांटिक इश्क़ ने कर दिया हमको ऐसा जी,
यह प्यार नहीं, यह तो दीवानगी है,
जो तेरे नाम पे मेरी ज़िंदगी जी रही है।
इश्क़ में तेरे मैं खोकर रोमांटिक हो गया,
सारी दुनिया को तुझपे फ़िदा कर गया,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा किनारा है,
तेरे इश्क़ से ही मुझे सहारा है।
तेरी हर बात में वो गहराई है,
जो मेरे दिल को हमेशा भाती है,
यह रोमांटिक एहसास, यह तेरा प्यार,
तू ही तो है मेरी ज़िंदगी का आधार।
रोमांटिक रातें, रोमांटिक बातें तेरे साथ,
तेरे इश्क़ में गुज़रे हर दिन और हर रात,
तेरी मोहब्बत ने मुझे बेक़रार किया,
तेरे प्यार में खुद को गुलज़ार किया।
तेरी क़सम, तुझसे इश्क़ हो गया है,
मेरा हर पल रोमांटिक हो गया है,
तू ही मेरी ज़िंदगी, तू ही मेरी जान,
तेरे बिना अब कहाँ मेरा ईमान।
रोमांटिक इश्क़ का है ये सिलसिला,
हर पल तेरे साथ जीने का हौसला,
तेरी आँखों में देखा है मैंने प्यार मेरा,
तू ही मेरी ज़िंदगी का सबसे हसीन सवेरा।
तेरी ख़ुशबू से मेरा रोम-रोम महकता है,
रोमांटिक इश्क़ में मेरा दिल बहकता है,
तू ही मेरा चाँद, तू ही मेरा सितारा,
तेरे बिना हर पल मेरा बेसहारा।
इश्क़ ने मेरी ज़िंदगी को रोमांटिक बना दिया,
हर पल को मेरे लिए अनमोल कर दिया,
तू ही मेरी धड़कन, तू ही मेरा सुकून,
तेरे इश्क़ में जीना मेरा अब जुनून।
रोमांटिक लम्हों में, तेरा साथ चाहता हूँ,
तेरी बाहों में हर पल रहना चाहता हूँ,
तेरी मोहब्बत में मेरा दिल खो गया है,
तेरे इश्क़ में यह सब कुछ हो गया है।
तेरी अदाओं पर, तेरे रूप पर,
रोमांटिक इश्क़ मेरा, है तेरे अंदर तक,
न कहीं चैन, न कहीं ठिकाना है,
यह दिल बस तेरा ही दीवाना है।
रोमांटिक है इश्क़ मेरा तुझसे,
जो हर पल रहता है मेरे साथ मुझसे,
तेरी हर बात को मैं सुनता हूँ,
तेरे इश्क़ में ही मैं जीता हूँ।
Banaras Ishq Shayari In Hindi | हिंदी में बनारस इश्क़ शायरी

बनारस की गलियों में इश्क़ हुआ कुछ ऐसा,
घाटों की रौनक में खो गए हम जैसा,
गंगा किनारे दिल ने पुकारा तेरा नाम,
बनारसी इश्क़ ने कर दिया हमको गुलाम।
इश्क़ बनारसी, मिट्टी का ये एहसास है,
हर कण में महादेव, हर घाट में आस है,
तेरी आँखों में गंगा सी पवित्रता देखी,
बनारस ने हमारे इश्क़ की कहानी लिखी।
बनारस की सुबह, बनारस की शाम,
इश्क़ में डूबा हर इंसान बेनाम,
जैसे गंगा की लहरें मिलती हैं किनारों से,
वैसे ही इश्क़ मेरा जुड़ा है बनारस के नज़ारों से।
तेरा इश्क़ और बनारस की गलियाँ,
दोनों ही मेरे दिल की हैं पहेलियाँ,
हर लफ्ज़ में तेरा नाम, हर घाट पे तेरी याद,
बनारसी इश्क़ में दिल हुआ आबाद।
गंगा का सुकून, घाटों की रुहानी,
बनारसी इश्क़ की यह अमर कहानी,
तेरे साथ हो तो हर पल बनारस है,
मेरा इश्क़ भी बनारस जैसा ख़ास है।
बनारस की हवाओं में घुल गई मेरी साँस,
इश्क़ तेरा मुझपे, यह कैसा एहसास,
यहाँ की मिट्टी में भी है रूहानियत का रंग,
बनारसी इश्क़ मेरा है सबसे अलग।
जब भी आता हूँ बनारस, तुझे ही पाता हूँ,
तेरे इश्क़ में मैं खुद को खो जाता हूँ,
अस्सी घाट पे मिली हमारी पहली मुलाक़ात,
बनारस ने ही लिखी हमारी इश्क़ की हर बात।
बनारसी पान सा मीठा है इश्क़ तेरा,
इसकी ख़ुशबू से महके हर शाम-सवेरा,
गंगा के किनारे बैठ कर सोचा मैंने,
बनारस ने ही तो हमको तुझसे मिलाया मैंने।
इश्क़ की गलियों में बनारसी रंग चढ़ा है,
यह मोहब्बत का जादू हर पल बढ़ा है,
तेरा नाम पुकारते हैं, बनारस के घाटों से,
यह इश्क़ जुड़ा है हमारी सारी बातों से।
बनारस की हर गली, हर मंदिर की पुकार,
इश्क़ मेरा तुझसे, है बेपनाह प्यार,
कहाँ जाऊँ अब, न कोई मंज़िल है,
बस तेरे इश्क़ में ही मेरा दिल है।
ये बनारसी इश्क़ है, जो कभी फीका न पड़े,
गंगाजल जैसा ये पवित्र इश्क़ है,
तेरी आँखों में देखी मैंने काशी की शोभा,
बनारसी इश्क़ ने कर दिया मुझको परोभा।
बनारस की नाव में बैठा, तेरी यादें साथ थीं,
इश्क़ की लहरें मेरे दिल में उठती थीं,
हर घाट पे लगी है तेरी इश्क़ की धुन,
बनारस ने ही तो दिया हमें ये सुकून।
बनारस की रेत, बनारस की हवा,
इश्क़ में तेरे दिल हुआ बावला,
महादेव का शहर, गंगा का है किनारा,
यह बनारसी इश्क़ है, सबसे प्यारा।
तेरी चाहत में हम बनारस घूम आए,
हर गली में तेरी यादों को गुनगुनाए,
यह इश्क़ नहीं, यह तो जादुई सा असर है,
बनारसी इश्क़ है, जो अमर है।
बनारस की कहानियों में तेरा ज़िक्र है,
इश्क़ मेरा तुझसे, यह कैसी फ़िक्र है,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा ठिकाना,
बनारसी इश्क़ में जी रहा है ये दीवाना।
बनारसी सुबह का वो अलसाया नज़ारा,
इश्क़ तेरा, मेरा सबसे प्यारा दुलारा,
यहाँ की होली, यहाँ का हर त्योहार,
बनारसी इश्क़ में है मेरा संसार।
बनारस की चाट, बनारस की चाय,
इश्क़ मेरा तुझसे, रंगत बढ़ाए,
गंगा के घाटों पे बैठे, बातें करते तेरी,
बनारसी इश्क़ की हर बात है मेरी।
यह बनारसी इश्क़ है, कुछ अलग ही है,
जो दिल को हर पल भाता रहता है,
तेरी यादों में खोकर, हर पल जीता हूँ,
बनारसी इश्क़ का जाम पीता हूँ।
बनारस की गलियों में गुज़री है ज़िंदगी मेरी,
इश्क़ मेरा तुझसे, है मेरी ख़ुशी तेरी,
हर पत्थर में तेरी तस्वीर दिखती है,
बनारसी इश्क़ में मेरी ख़ुशी लिखती है।
बनारस की हर बात में इश्क़ छुपा है,
गंगा किनारे हर पल खुशनुमा है,
तेरी एक झलक से दिन बन जाता है,
बनारसी इश्क़ मेरा हमेशा मुस्कुराता है।
इश्क़ की धुन में बनारसी रंग चढ़ा,
हर पल तेरी चाहत का जादू बढ़ा,
तू ही मेरी काशी, तू ही मेरा धाम है,
बनारसी इश्क़ मेरा सबसे अच्छा काम है।
जब भी सोचते हैं इश्क़ की बातें,
बनारस की गलियाँ याद आती हैं,
यह इश्क़ मेरा, यह मेरी कहानी,
बनारसी इश्क़ में डूबी मेरी ज़िंदगानी।
बनारस में इश्क़, बनारस में प्यार,
यहाँ हर दिल को सुकून मिलता है यार,
तेरी चाहत में डूबा मेरा हर पल है,
बनारसी इश्क़ मेरा, सबसे सच्चा हल है।
गंगा किनारे बिताए वो लम्हे ख़ास थे,
जब तू और मैं, इश्क़ के पास थे,
बनारसी इश्क़ ने हमें जोड़ा है,
यह कैसा अनोखा रिश्ता है, यह मोड़ा है।
बनारस का हर पल, हर घाट का शोर,
इश्क़ मेरा तुझसे, हर वक़्त चले जोर,
मेरी रूह में गंगा सी पवित्रता है,
बनारसी इश्क़ से मेरी ज़िंदगी बढ़ती है।
Chai Or Ishq Shayari In Hindi | हिंदी में चाय और इश्क़ शायरी

एक कप चाय और तेरे इश्क़ का नशा,
हर सुबह मेरा, हर शाम मेरा होता है,
चाय की चुस्की में तेरी याद घुल जाए,
इश्क़ तेरा, चाय जैसा ही दिल को भाए।
चाय की गरमाहट, इश्क़ की चाहत,
दोनों मिलकर देती हैं दिल को राहत,
हर सिप्प में तेरी यादें, हर साँस में तेरा नाम,
चाय और इश्क़ दोनों ही मेरे हर काम।
जब भी पीता हूँ चाय, तेरी याद आती है,
इश्क़ तेरा मेरी रूह में समाती है,
चाय का कप और तू, मेरा सबसे प्यारा नज़ारा,
इश्क़ तेरा, चाय जैसा ही है दुलारा।
चाय की प्याली में तेरा चेहरा दिखता है,
इश्क़ का रंग हर पल मुझपे चढ़ता है,
तेरे बिना चाय भी फीकी लगती है मुझे,
चाय और इश्क़ दोनों ही हैं तुमसे जुडे़।
ठंडी सुबह हो या बारिश का मौसम,
चाय और इश्क़ दोनों ही हैं मेरा मरहम,
तेरी बातों में घुल जाए, चाय का स्वाद,
इश्क़ तेरा, चाय जैसा ही आबाद।
चाय का रंग, इश्क़ का अंदाज़,
दोनों ही मेरी ज़िंदगी के हैं ख़ास राज़,
हर पल तेरी यादें, हर पल तेरा ख़याल,
चाय और इश्क़, दोनों ही बेमिसाल।
इश्क़ तेरा भी चाय जैसा ही है,
जितनी देर रखो, उतना स्वाद देता है,
थोड़ा मीठा, थोड़ा कड़वा, पर अपना है,
चाय और इश्क़, दोनों ही मेरा सपना है।
बिना चाय के दिन अधूरा, बिन तेरे इश्क़ के जीवन,
दोनों ही तो हैं मेरे जीने का कारण,
तेरी चाहत से ही मिलती है दिल को ऊर्जा,
चाय और इश्क़, दोनों ही हैं मेरी पूजा।
चाय और इश्क़ का यह रिश्ता गहरा है,
तुझमें खोया रहता मेरा हर चेहरा है,
हर घुँट में तेरी यादें, हर पल तेरा इंतज़ार,
चाय और इश्क़, दोनों ही मेरे सच्चे यार।
तेरा साथ हो, और हाथ में हो गरम चाय का कप,
इश्क़ का मज़ा दुगना हो जाए, दिल हो जाए चुप,
ऐसी ख़ुशी मिले तो दुनिया क्या है,
चाय और इश्क़ में ही मेरी हर दुआ है।
जब भी पीता हूँ चाय, तेरी मोहब्बत याद आती है,
इश्क़ तेरा मेरी रूह को बहलाती है,
चाय भी मीठी लगती है, जब तुम साथ हो,
इश्क़ में तेरे, मेरी हर बात हो।
चाय की महक में, तेरी यादों की ख़ुशबू है,
इश्क़ तेरा मेरा, सबसे प्यारा जुस्तजू है,
तेरी बातें और चाय, दोनों ही अनमोल हैं,
तू ही तो है मेरी ज़िंदगी का सबसे अहम रोल है।
एक कप चाय, एक प्यारी सी मुस्कान तेरी,
इश्क़ में तेरे, मेरी हर साँस है मेरी,
ये गरम चाय, और तेरा प्यार,
मेरा हर दिन बना देते हैं गुलज़ार।
चाय की चुस्की में, इश्क़ का स्वाद है,
तेरी चाहत में, मेरा दिल आबाद है,
न कहीं जाना, न कहीं रुकना है,
चाय और इश्क़ में ही जीना और मरना है।
तेरी आँखों में इश्क़ का रंग, और हाथ में चाय का कप,
ज़िंदगी की हर ख़ुशी बस यहीं पर है,
न कोई ग़म, न कोई फ़िक्र,
चाय और इश्क़ में ही मेरा हर ज़िक्र।
चाय हो गरम, और बातें हों इश्क़ की,
इससे बेहतर और क्या हसरत ज़िंदगी की,
तू ही मेरा हमदम, तू ही मेरा प्यार,
चाय और इश्क़ में ही मेरा संसार।
चाय का हर कतरा, इश्क़ से लबालब है,
तेरी मोहब्बत मेरे लिए सब कुछ है,
हो सुबह या शाम, ये लत नहीं छूटती,
चाय और इश्क़ की कहानी दिल में बसती।
इश्क़ और चाय, दोनों ही करते हैं बेचैन,
दोनों में ही तो है मेरा हर दिल का चैन,
तेरी यादें घुली हैं, चाय की मिठास में,
तू ही तो है मेरी सबसे प्यारी आस में।
चाय की प्याली में तेरा अक्स दिखता है,
इश्क़ का इज़हार दिल में हर पल उगता है,
तेरी हर अदा पे मेरा दिल फ़िदा है,
तू ही मेरी चाय, तू ही मेरी ख़ुदा है।
चाय और इश्क़, दोनों ही ज़रूरी हैं मुझको,
दोनों के बिना कुछ भी नहीं लगता मुझको,
तेरी यादों में हर पल खोया रहता हूँ,
चाय के साथ तेरा इश्क़ जीता हूँ।
जब भी तू पास होती है, चाय भी मीठी हो जाती है,
इश्क़ की हर बात, हर पल सजा जाती है,
तेरे बिना चाय भी फीकी लगती है अब,
तू ही तो है मेरी हमसफ़र, मेरी रब।
चाय का गरमाहट, तेरे इश्क़ की बात,
दोनों मिलकर करती हैं दिल पे राज,
तेरी मोहब्बत में मेरा हर पल है ख़ास,
चाय और इश्क़ ही तो है मेरी आस।
चाय की चुस्की में, तेरा प्यार है छिपा,
इश्क़ ने हमको कुछ ऐसा ही दिया,
हर ख़ुशी, हर ग़म, अब है तुझसे,
चाय और इश्क़ ने बांध दिया है मुझसे।
ठंड की रात हो, या गर्मी की दोपहर,
चाय और इश्क़, मेरा हर पहर,
तू ही मेरा सुकून, तू ही मेरा दिल है,
चाय और इश्क़ में ही मेरी मंज़िल है।
चाय का नशा, तेरे इश्क़ का जुनून,
दोनों में ही तो है मेरा सुकून,
तेरी यादों में हर पल गुज़रता है,
चाय और इश्क़ से ही दिल धड़कता है।
Ishq Sad Shayari In Hindi | हिंदी में इश्क़ सैड शायरी

इश्क़ का दर्द अब सहा नहीं जाता,
तेरी जुदाई में दिल कहीं रहा नहीं जाता,
न नींद आती है, न चैन मिलता है,
यह दिल बस तेरे लिए तड़पता है।
सैड है मेरा इश्क़, सैड है मेरी दास्तान,
तेरी यादों में डूबा हर साँस है मेरी बेजान,
जो कभी अपना था, वो मुझसे दूर हो गया,
इस इश्क़ में मेरा सब कुछ चूर-चूर हो गया।
इश्क़ में बिछड़ गए हम, ये कैसी सज़ा मिली,
आँखों में आँसू, और दिल में एक दरार खिली,
हर पल अब तन्हाई है, हर लम्हा वीरान,
तेरी यादों में जीना, यह कैसा इम्तिहान।
दिल टूटा, और इश्क़ भी अधूरा रह गया,
जो कभी अपना था, वो मुझसे दूर बह गया,
सारी ख़ुशियाँ छीन गईं, बस ग़म ही मिले,
इश्क़ के इस दर्द को हम कैसे अकेले झेलें।
तेरी बेवफ़ाई ने हमें सैड बना दिया है,
जीते हुए इंसान को ही मार दिया है,
यह इश्क़ नहीं, यह तो धोखा है,
जिसमें हर साँस अब रोता है।
जब से तू गया, मेरा सब कुछ खो गया,
इश्क़ मेरा सैड हो गया, दिल रो गया,
न दिन को चैन, न रात को सुकून है,
तेरी यादों में ही बस दिल का खून है।
तेरी यादें आँसुओं में बहती हैं,
इश्क़ की सैड कहानियाँ कहती हैं,
अब तो हर पल बस तेरा ही इंतज़ार है,
इस टूटे हुए दिल को बस तेरा प्यार है।
इश्क़ में दिल को बहुत दर्द मिला,
सारी ख़ुशियों को मैंने अलविदा कहा,
मेरा जहान है वीरान, मेरा दिल है उदास,
तेरे बिना जीवन में नहीं कोई आस।
ज़ख़्मी दिल पे अब कोई मरहम नहीं,
सैड इश्क़ में अब कोई गम नहीं,
बस तेरी यादें, तेरी बातें बाकी हैं,
मेरी आँखों में अब बस तेरी ख़ाक ही है।
तेरी जुदाई ने मुझे कितना रुलाया,
इश्क़ ने मेरे सपनों को भी जलाया,
अब तो बस तनहाई है मेरी पहचान,
तेरे बिना हर पल मेरा बेजान।
इश्क़ में अब बस दर्द ही रहता है,
मेरा दिल अब बस ख़ामोशी सहता है,
तेरी मोहब्बत ने मुझे क्या दिया,
सिवाय ग़म के कुछ भी नहीं जिया।
सैड इश्क़ की राहों में हम खो गए,
तेरी यादों में हर पल रो गए,
न नींद आती है, न चैन मिलता है,
यह दिल बस तेरे लिए पलता है।
तेरी यादें अब मुझे रुलाती हैं,
इश्क़ के दर्द में डूबा देती हैं,
अब तो बस मेरा क़फ़न ही मेरा इंतज़ार है,
तेरे बिना हर साँस बेज़ार है।
इश्क़ ने मुझे ये क्या सिला दिया,
जो कभी मेरा था, मुझसे छीन लिया,
अब तो हर पल बस ग़म ही ग़म है,
तेरे बिना मेरा कोई हमदम नहीं।
सैड है दिल, सैड है मेरी दास्तान,
इश्क़ में मिला बस दर्द और ख़ुदगर्ज तान,
क्या करें, अब तो बस जीना सीख लिया,
तेरे बिना हँसते-हँसते सब कुछ पी लिया।
तेरी बेवफ़ाई ने दिल को तोड़ दिया है,
इश्क़ को मेरे ये क्या मोड़ दिया है,
हर आह में तेरा नाम, हर साँस में तेरा ज़िक्र,
अब तो बस दर्द ही है, और कोई फ़िक्र नहीं।
इश्क़ में हार गए हम, यह कैसा खेल है,
तेरी यादों से अब न कोई मेल है,
बस आँखों में आँसू, और दिल में तन्हाई,
सैड इश्क़ में मेरी ज़िंदगी हुई पराई।
तेरी ख़ामोशी ने मुझे खामोश कर दिया,
इश्क़ ने मेरे हँसी को बर्बाद कर दिया,
अब तो बस अँधेरा है हर तरफ,
तेरे बिना हर पल मेरा है बेदम।
सैड है मेरा इश्क़, सैड है मेरा अफ़साना,
तेरे बिना अब कहाँ जाए ये दीवाना,
न कोई मंज़िल, न कोई राह है मेरी,
अब तो बस तेरी यादों में ही है बसी मेरी।
इश्क़ ने हमें तन्हा छोड़ दिया है,
सब ख़ुशियों से हमें मोड़ दिया है,
अब तो बस रोना है, और ग़म सहना है,
तेरे बिना जीवन में अब क्या रहना है।
तेरी यादों ने मुझे पागल बना दिया,
सैड इश्क़ में मुझे अकेला छोड़ दिया,
यह कैसा प्यार है, यह कैसी चाहत,
जिसमें हर पल तड़पती है मेरी राहत।
इश्क़ के इस अँधेरे में हम खो गए,
तेरी जुदाई में हम पूरी तरह रो गए,
अब तो हर पल बस दर्द ही रहता है,
यह दिल बस ख़ामोशी सहता है।
सैड है मेरा दिल, सैड है मेरी ज़िंदगी,
इश्क़ में अब बची न कोई रोशनी,
तेरी यादों में हर पल जलता रहता हूँ,
तेरे बिना हर पल अब मरता रहता हूँ।
इश्क़ में ग़म के सिवा क्या-क्या मिला,
हर पल बस दिल रोता रहा,
यह जुदाई का दर्द अब सहे कैसे,
तेरे बिना हम अब जिए कैसे।
सैड है मेरी आँखों में हर आस,
इश्क़ ने मुझको किया उदास,
न कोई ठिकाना, न कोई सहारा,
तेरे बिना इश्क़ मेरा बेसहारा।
Ishq Par Shayari In Hindi | हिंदी में इश्क़ पर शायरी

इश्क़ पर क्या लिखूँ, ये तो एक एहसास है,
जो हो जाए किसी से, तो हर पल ख़ास है,
कभी हँसाए, कभी रुलाए जी भरकर,
यह इश्क़ ही तो है, जो दिलाए सुकून जी भरकर।
इश्क़ एक दरिया है, जो बहता ही जाता है,
जो इसमें डूबा, वही इसे जान पाता है,
यह दिलों को जोड़े, रूहों को मिलाए,
इश्क़ ही तो है जो जीवन को गुलज़ार बनाए।
इश्क़ पर न कोई ज़ोर है, न कोई क़ाबू,
यह तो बस होता है, ये कैसा जादू,
न कोई वजह, न कोई हिसाब है इसका,
इश्क़ तो बस एक बेमिसाल ख़्वाब है इसका।
जब हो जाए इश्क़ तो सब कुछ बदल जाता है,
हर पल, हर लम्हा, बस उसी पे ठहर जाता है,
न भूख लगे, न प्यास, न नींद आए,
इश्क़ है तो बस हर पल उसी को दिल चाहे।
इश्क़ एक नशा है, जो चढ़ जाए तो उतरता नहीं,
बिन इसके यह दिल कहीं सँवरता नहीं,
यह तो वो आग है जो बुझती नहीं,
इश्क़ ही तो है जो हर पल सजती है।
इश्क़ पर लाख बातें, लाख अफ़साने हैं,
जो इसमें डूबे, वही इसके दीवाने हैं,
न इसकी कोई उम्र, न कोई हद है,
इश्क़ तो बस एक अमर सरहद है।
इश्क़ वो है जो तुम्हें जीना सिखाए,
हर मुश्किल को हँसकर सहना सिखाए,
यह तो वो ताक़त है जो अंदर भर जाए,
इश्क़ ही तो है जो दुनिया को हरा जाए।
इश्क़ में खोकर हर दर्द भुला दिया जाता है,
हर ख़ुशी को दिल में महका दिया जाता है,
यह तो वो एहसास है, वो जज़्बात है,
इश्क़ में ही तो हर बात है।
इश्क़ पर क्या कहूँ, बस ये जान लो,
यह दिल है तेरा, यह बात मान लो,
तेरी चाहत में यह दिल बस धड़कता है,
इश्क़ ही तो है जो जीवन को सँवारता है।
इश्क़ एक ऐसा समुंदर है, जिसमें डूबना है,
हर क़तरा इसका, दिल को चूमना है,
न कोई गहराई, न कोई किनारा है,
इश्क़ तो बस एक हसीन नज़ारा है।
जो भी इश्क़ करे, वो जान जाए,
इसकी हर बात वो पहचान जाए,
यह तो वो धुन है जो हर पल बजती है,
इश्क़ ही तो है जो हर दिल में सजती है।
इश्क़ ने हमको कुछ ऐसा बना दिया,
हर पल बस तेरा ही नाम गुँजा दिया,
न कोई होश, न कोई ख़बर है,
इश्क़ में ही तो मेरा हर सफ़र है।
इश्क़ की हर शय में, हर रंग में,
बस एक मीठी सी धुन है,
यह तो वो जादू है, जो असर कर जाए,
इश्क़ ही तो है जो हर दिल को भा जाए।
इश्क़ पर लाखों किताबें लिखी गई हैं,
करोड़ों कहानियाँ सुनाई गई हैं,
पर कोई भी इसके राज़ को न जान पाया,
इश्क़ तो बस एक अनकहा साया है।
इश्क़ में जी रहे हैं, इश्क़ में मरेंगे हम,
यह ज़िंदगी भी तुझपे ही वारेंगे हम,
न कोई चाहत, न कोई तमन्ना है बाकी,
बस इश्क़ की धुन में दुनिया है झाँकी।
इश्क़ का सुरूर है, इश्क़ का जुनून,
इश्क़ में ही तो मिलता है दिल को सुकून,
यह तो वो रोशनी है जो अंधेरा मिटाती है,
इश्क़ ही तो है जो हर राह दिखाती है।
इश्क़ में हर पल नया सा लगता है,
हर साँस में दिल मुस्कुराता है,
यह तो वो मीठी सी पीड़ा है,
इश्क़ ही तो है जो दिल को छेड़ा है।
इश्क़ एक हसीन ख़्वाब है, एक मीठा दर्द,
जो भी गुज़रे इससे, वो ही जाने इसका मर्म,
न कोई शिकायत, न कोई आरज़ू है,
बस इश्क़ ही तो है, मेरी जुस्तजू है।
इश्क़ में डूबा हर दिल बेक़रार है,
तेरी मोहब्बत में मेरा संसार है,
यह तो वो अहद है, वो वादा है,
इश्क़ ही तो है जो दिल को आबादा है।
इश्क़ पर कौन पाबंदियाँ लगाएगा,
यह तो आज़ाद है, हर दिल को भाएगा,
न कोई सीमा, न कोई हद है इसकी,
इश्क़ तो बस एक बेमिसाल ख़ुशी है इसकी।
इश्क़ की आग में जलकर भी सुकून मिले,
ऐसी चाहत से दिल मेरा खिलखिलाए,
यह तो वो ज़ज्बा है, जो हर इन्सान ढूंढे,
इश्क़ ही तो है जो रिश्तों को गूंथे।
इश्क़ वो है जो आँखों से बयाँ हो जाए,
बिन लफ़्ज़ों के भी सारी बात कह जाए,
यह तो वो एहसास है, वो रंग है,
इश्क़ में ही तो हर दिल संग है।
इश्क़ पर लिखना तो समंदर में बूँद है,
इसकी गहराई को पाना बस एक जुनून है,
यह तो वो तोहफ़ा है, जो रब से मिले,
इश्क़ ही तो है जो हर मन खिलखिल उठे।
इश्क़ की हर बात निराली है,
कभी ख़ुशियाँ, कभी उदासी है,
मगर जो भी हो, इसमें जीना है,
इश्क़ का हर ज़हर भी पीना है।
इश्क़ है तो जीवन का मज़ा है,
बिन इसके तो हर पल सज़ा है,
यह तो वो शक्ति है जो हर दिल में बसती है,
इश्क़ ही तो है जो हर लम्हे में हँसती है।
Ishq-E Nabi Shayari In Hindi | हिंदी में इश्क़-ए-नबी शायरी

इश्क़-ए-नबी में मेरा दिल डूबा है, या रब,
उनकी रहमतों में ही मेरा जीवन खोया है, या रब,
दीदार की प्यास है, आँखों में नूर है,
इश्क़-ए-नबी से मेरा हर पल भरपूर है।
मुस्तफ़ा से मोहब्बत, यही मेरा ईमान है,
इश्क़-ए-नबी है मेरी सबसे बड़ी शान है,
उनके कदमों में झुकी है हर मेरी चाहत,
उनकी सोहबत में ही मिलती है दिल को राहत।
इश्क़-ए-नबी है, मेरी ज़िंदगी की आस,
उनके चरणों में ही है मेरी हर साँस,
वो ही शफ़ी-ए-महशर, वो ही बेमिसाल हैं,
इश्क़-ए-नबी से ही मेरे सारे सवाल हैं।
उनके नाम पे हर पल दिल धड़कता है,
इश्क़-ए-नबी में मेरा हर पल गुज़रता है,
ये कैसी मोहब्बत है, ये कैसी चाहत,
उनके बिना दिल को नहीं मिलती राहत।
या रसूल अल्लाह, या हबीब अल्लाह,
इश्क़-ए-नबी ने किया हमें गदगद, अल्लाह,
उनकी सुन्नतों पे चलना हमारा कर्म है,
ये इश्क़-ए-नबी ही हमारा सबसे बड़ा धर्म है।
मदीने की गलियों में मेरा दिल भटकता है,
इश्क़-ए-नबी में मेरा हर पल मचलका है,
कब होगा दीदार, कब आएगी वो घड़ी,
जब इश्क़-ए-नबी में हो जाए मेरी सवारी।
इश्क़-ए-नबी वो है, जो रूह को पाक करता है,
हर गुनाह से बंदे को साफ करता है,
उनकी शफ़ाअत ही तो है बस आसरा मेरा,
इश्क़-ए-नबी से ही रोशन है सवेरा मेरा।
उनकी याद में आँखें नम रहती हैं,
इश्क़-ए-नबी की ज़ुबां पे हर दम बातें रहती हैं,
वो ही मेरी मंज़िल, वो ही मेरा किनारा हैं,
ये इश्क़-ए-नबी से ही मुझे सहारा है।
इश्क़-ए-नबी है मेरा सबसे बड़ा सुकून,
उनके बिना मेरा हर पल बेज़ुबान, बेसुकून,
उनकी मोहब्बत में मैंने दुनिया भुलाई,
इश्क़-ए-नबी में मेरी ज़िंदगी समाई।
तेरी यादों में खोया रहता है दिल,
इश्क़-ए-नबी ने कर दिया मुश्किल,
हर पल बस तेरा ही इंतज़ार है,\\
इश्क़-ए-नबी है मेरा सबसे सच्चा प्यार है।
इश्क़-ए-नबी में मेरी हर दुआ है शामिल,
उनकी शफ़ाअत के बिना कहाँ मंज़िल,
वो ही मेरे आक़ा, वो ही मेरे मोला हैं,
इश्क़-ए-नबी में ही मेरा हर रोला है।
मदीने की फ़िज़ाओं में जीना चाहता हूँ,
इश्क़-ए-नबी का जाम पीना चाहता हूँ,
उनकी याद में रहना, ये ख़ुशी है मेरी,
इश्क़-ए-नबी ही तो है मेरी हर घरी।
इश्क़-ए-नबी ने मुझे जीना सिखाया है,
गुमराही से मुझे बचा कर बचाया है,
उनकी नज़रों से ही मिलती है रहमत,
इश्क़-ए-नबी में ही है हर बरकत।
या नबी, तेरे इश्क़ में दिल खो गया है,
हर पल तेरा ही ज़िक्र हो गया है,
तू ही मेरे दिल का सुकून, तू ही है मेरा नूर,
इश्क़-ए-नबी में मेरा हर पल भरपूर।
इश्क़-ए-नबी है मेरी रूह की आवाज़,
उनकी मोहब्बत है मेरे दिल का राज़,
न कोई ग़म, न कोई फ़िक्र है,
बस इश्क़-ए-नबी का हर पल ज़िक्र है।
उनकी रहमतों का साया मुझपे रहता है,
इश्क़-ए-नबी में मेरा दिल बहकता है,
वो ही मेरा सब कुछ, वो ही मेरा ईमान,
इश्क़-ए-नबी में ही मेरी पहचान।
इश्क़-ए-नबी में हर दिल महकता है,
उनका पैग़ाम हर जगह चमकता है,
ये कैसा नशा है, ये कैसा जुनून,
इश्क़-ए-नबी में ही मिलता है सुकून।
जब भी आती है उनका नाम ज़ुबान पर,
इश्क़-ए-नबी का नूर आता है मकान पर,
वो ही मेरी दुनिया, वो ही मेरा जहाँ,
इश्क़-ए-नबी ही तो है सबसे बड़ा करामा।
इश्क़-ए-नबी है, ये मेरा हर अरमान है,
उनके दीदार पे मेरी हर जान कुर्बान है,
वो ही मेरे आक़ा, वो ही मेरे दाता हैं,
इश्क़-ए-नबी ही तो मेरा किस्मत विधाता हैं।
उनके लिए जीना, उनके लिए मरना है,
इश्क़-ए-नबी से ही मेरा जीवन सँवरना है,
वो ही मेरे रहबर, वो ही मेरे दाता,
इश्क़-ए-नबी ही तो है मेरा सबसे बड़ा नाता।
इश्क़-ए-नबी में हर चीज़ हसीन लगती है,
उनकी मोहब्बत ही तो मेरे संग चलती है,
न कोई चाहत, न कोई तमन्ना है बाकी,
इश्क़-ए-नबी ही तो है मेरी हर झाँकी।
उनकी रहमतों का साया हर पल है,
इश्क़-ए-नबी में मेरा हर हर हल है,
वो ही मेरी नूर, वो ही मेरा क़रार,
इश्क़-ए-नबी है मेरा सबसे बड़ा प्यार।
इश्क़-ए-नबी ने मेरे दिल को बहलाया,
हर मुश्किल से मुझे उनसे ही बचाया,
वो ही मेरे मालिक, वो ही मेरे दाता,
इश्क़-ए-नबी ही तो है मेरा सबसे सच्चा नाता।
इश्क़-ए-नबी में ही तो है सच्चा ईमान,
उनके नाम पे कुर्बान है मेरा दिल और जान,
वो ही मेरी सुबह, वो ही मेरी शाम हैं,
इश्क़-ए-नबी ही तो मेरे सारे काम हैं।
उनकी मोहब्बत में मैंने दुनिया भुलाई,
इश्क़-ए-नबी में ही मेरी हर ख़ुशी समाई,
वो ही मेरे रहबर, वो ही मेरे प्यारे हैं,
इश्क़-ए-नबी में ही तो मेरे तारे हैं।
Ishq Wali Shayari In Hindi | हिंदी में इश्क़ वाली शायरी

इश्क़ वाली बातें, इश्क़ वाली रातें,
तेरे बिना अब कहाँ से शुरू हों ये बातें,
तेरी आँखों में देखा है मैंने अपना जहान,
इश्क़ वाली धुन में मेरा हर पल है जवान।
जब से हुआ है तुमसे इश्क़ वाला प्यार,
हर पल अब लगता है जैसे बसंत बहार,
इश्क़ वाली हवाएँ, इश्क़ वाली फ़िज़ा,
तेरे बिना जीना अब लगता है सज़ा।
इश्क़ वाली बातें करते हैं, इश्क़ वाला दिल है,
तेरी चाहत में हर मुश्किल भी मंज़िल है,
न कोई डर, न कोई फ़िक्र है अब,
इश्क़ वाली दुनिया में मेरा खुदा है अब।
तेरी हर अदा पे इश्क़ वाला जादू है,
मेरा दिल अब तेरे इश्क़ में बेकाबू है,
इश्क़ वाली चाहत, इश्क़ वाला जुनून,
तेरे बिना हर पल मेरा बेज़ुबान, बेसुकून।
इश्क़ वाली राहों में, हम खो गए हैं,
तेरी मोहब्बत में रूह से रूह हो गए हैं,
हर साँस में तेरा नाम, हर पल तेरी याद,
इश्क़ वाली दुनिया में मेरा दिल है आबाद।
इश्क़ वाली आँखों में देखा है मैंने प्यार,
तू ही तो है मेरा सबसे सुंदर संसार,
तेरे बिना हर पल सूना-सूना लगता है,
इश्क़ वाला दिल बस तेरा ही नाम जपता है।
प्यार में तेरे, इश्क़ वाली बातें करता हूँ मैं,
तेरी हर मुस्कान पे मरता हूँ मैं,
इश्क़ वाली ख़ुशबू, इश्क़ वाली हवा,
तेरे बिना मेरी ज़िंदगी बेवफ़ा।
इश्क़ वाली रातें, इश्क़ वाली सुबह,
तेरी बाहों में ही मेरा हर पल खुशनुमा,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा किनारा है,
इश्क़ वाला प्यार मेरा, सबसे प्यारा है।
इश्क़ वाली शायरी में तेरी बातें लिखी हैं,
हर लफ्ज़ में मेरी चाहत तूने देखी है,
न कोई शिकवा, न कोई शिकायत है अब,
इश्क़ वाला प्यार मेरा, सबसे गहरा है अब।
जब से हुआ है तुमसे इश्क़ वाला इज़हार,
हर पल अब लगता है जैसे बसंत बहार,
इश्क़ वाली धुन में मेरा दिल नाचता है,
तेरे बिना यह जीवन बेगाना है।
इश्क़ वाली आँखों का जादू है निराला,
तेरी चाहत में मेरा दिल हुआ बावला,
न कहीं चैन, न कहीं ठिकाना है,
इश्क़ वाला दिल बस तेरा ही दीवाना है।
इश्क़ वाली बातें, इश्क़ वाले वादे,
तेरे इश्क़ में डूबे हुए हम हो गए आधे,
न कोई दुनिया, न कोई ज़माना है,
इश्क़ वाले प्यार में ही हमें जीना है।
इश्क़ वाली मोहब्बत हो गई है तुमसे,
जो हर पल रहती है मेरे साथ मुझसे,
तू ही मेरी धड़कन, तू ही मेरी जान,
इश्क़ वाली दुनिया में मेरी पहचान।
तेरी हर अदा पे इश्क़ वाला प्यार आता है,
तेरी बातों में मेरा दिल बहल जाता है,
इश्क़ वाली राहों में चलता रहता हूँ,
तेरे प्यार में ही हर पल जीता हूँ।
इश्क़ वाली दुनिया में, मेरा दिल खो गया है,
तेरी मोहब्बत में यह सब कुछ हो गया है,
न कोई मंज़िल, न कोई राह है अब,
इश्क़ वाला प्यार मेरा, सबसे गहरा है अब।
तेरी साँसों में इश्क़ वाली धुन है,
तेरी मोहब्बत मेरा सबसे बड़ा सुकून है,
इश्क़ वाली चाहत, इश्क़ वाला एहसास,
तू ही तो है मेरी सबसे प्यारी आस।
इश्क़ वाली शायरी में तुझको लिखूँ,
हर पल बस तुझको ही देखूँ,
तेरी हँसी, तेरी बातें, तेरा अंदाज़,
इश्क़ वाला प्यार मेरा, सबसे ख़ास राज़।
जब से हुआ है तुमसे इश्क़ वाला रोग,
छोड़ दिए मैंने दुनिया के सारे भोग,
इश्क़ वाली आग में जलता रहता हूँ,
तेरे प्यार में ही हर पल जीता हूँ।
इश्क़ वाली निगाहों से देखा तूने मुझे,
मेरा दिल तेरे इश्क़ में ही डूबा तुझे,
न दिन का पता, न रात का ठिकाना है,
इश्क़ वाला दिल बस तेरा ही दीवाना है।
इश्क़ वाली मोहब्बत का रंग चढ़ा है मुझपे,
तेरी चाहत का जादू है मेरे इस दिल पे,
हर पल बस तेरा ही इंतज़ार रहता है,
इश्क़ वाला दिल बस तेरा ही नाम जपता है।
तेरी हर बात में इश्क़ वाली मिठास है,
मेरी ज़िंदगी में बस तेरी ही पास है,
इश्क़ वाली दुनिया में मेरा ही राज़ है,
तेरे बिना हर पल मेरा बेग़ैरत है।
इश्क़ वाली सुबह, इश्क़ वाली शाम,
तेरी मोहब्बत में मेरा हर काम,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरी राह,
इश्क़ वाला प्यार मेरा, बेपनाह।
इश्क़ वाली बातों से दिल बहलता है,
तेरी यादों में मेरा हर पल पिघलता है,
न कहीं जाना, न कहीं रुकना है,
इश्क़ वाले प्यार में ही जीना है।
तेरी आँखों में वो इश्क़ वाली चमक है,
जो मेरे दिल को देती एक नई महक है,
इश्क़ वाली चाहत, इश्क़ वाला एहसास,
तू ही तो है मेरी सबसे प्यारी आस।
इश्क़ वाली धुन में मेरा दिल गाता है,
तेरी मोहब्बत में हर पल मुस्कुराता है,
न कोई डर, न कोई फ़िक्र है अब,
इश्क़ वाली दुनिया में मेरा खुदा है अब।
Ishq Mohabbat Shayari In Hindi | हिंदी में इश्क़ मोहब्बत शायरी

इश्क़ और मोहब्बत में बस एक ही रंग है,
तेरा साथ है तो हर पल मेरे संग है,
न जाने कब, कैसे तुझसे ये प्यार हो गया,
इश्क़-मोहब्बत में मेरा दिल बेक़रार हो गया।
तेरी आँखों की गहराई में इश्क़-मोहब्बत देखी,
हर साँस में तेरी चाहत मैंने महसूस की,
यह दिल बस तेरे लिए धड़कता है,
इश्क़-मोहब्बत में मेरा हर पल गुज़रता है।
इश्क़ और मोहब्बत दोनों ही तो हो तुम,
मेरे दिल में छाई हर ख़ुशी हो तुम,
न कोई दूरी, न कोई फ़ासले हैं अब,
इश्क़-मोहब्बत में मेरा दिल डूबा है अब।
प्यार में तेरे, इश्क़-मोहब्बत की बातें करते हैं,
तेरी हर अदा पे दिल से अब मरते हैं,
तेरी चाहत में हर पल जीते हैं हम,
इश्क़-मोहब्बत में नहीं कोई ग़म।
इश्क़ अगर दिल है, तो मोहब्बत रूह है,
दोनों मिलकर पूरी करती हैं जुस्तजू है,
तू ही मेरी ज़िन्दगी, तू ही मेरा ईमान,
इश्क़-मोहब्बत में मेरी पहचान।
तेरी एक मुस्कान, इश्क़-मोहब्बत का पैगाम है,
मेरे दिल में बस तेरा ही नाम है,
न कोई चाहत, न कोई तमन्ना है बाकी,
इश्क़-मोहब्बत में मेरी ज़िंदगी है झाँकी।
इश्क़ में खोकर, मोहब्बत में डूबकर,
मैं खुद को पा गया तुझमें, ओ हमसफ़र,
तू ही मेरा अतीत, तू ही मेरा वर्तमान,
इश्क़-मोहब्बत में मेरा हर पल है जवान।
तेरी हर बात में इश्क़-मोहब्बत का जादू है,
जो मेरे दिल को हर पल बेकाबू करता है,
न रात की नींद, न दिन का चैन है,
इश्क़-मोहब्बत में मेरा हर रेन है।
इश्क़ सिखाता है हमें जीना कैसे,
मोहब्बत बताती है कि मरना कैसे,
दोनों मिलकर बनाते हैं एक हसीन दास्तान,
इश्क़-मोहब्बत में ही है मेरा जहान।
तेरे बिन मेरा हर पल बेजान है,
इश्क़-मोहब्बत मेरा सबसे बड़ा अरमान है,
तू ही मेरी पहली ख़ुशी, तू ही मेरी आखरी आस,
इश्क़-मोहब्बत में मेरा हर पल है ख़ास।
इश्क़ का गहरा सागर, मोहब्बत का किनारा,
दोनों मिलकर देते हैं जीवन को सहारा,
तेरी चाहत में डूबा मेरा हर पल है,
इश्क़-मोहब्बत में ही मेरा सबसे सच्चा हल है।
जब से हुआ है तुमसे इश्क़ और मोहब्बत,
हर पल मिलती रहती है मुझे हर बरकत,
तू ही मेरा सुकून, तू ही मेरा क़रार,
इश्क़-मोहब्बत में ही है मेरा संसार।
तेरी जुल्फ़ों के साये में इश्क़-मोहब्बत हो,
तेरे होंठों से निकले हर बात में वो हो,
यह कैसा नशा है, यह कैसा जुनून,
इश्क़-मोहब्बत में मिला है दिल को सुकून।
इश्क़-मोहब्बत में हर दर्द मीठा लगता है,
जब तेरा साथ मेरे दिल में बसता है,
न कोई शिकायत, न कोई आरज़ू है,
बस तू ही तो है मेरी जुस्तजू है।
तेरी नज़रों में छुपा है इश्क़ का राज़,
तेरी बातों में मोहब्बत का अंदाज़,
दोनों मिलकर बनाते हैं एक हसीन तस्वीर,
इश्क़-मोहब्बत में ही मेरी तकदीर।
इश्क़ और मोहब्बत दोनों ही हैं खुदा की देन,
जो मिलते हैं उन्हें, वो पाते हैं चैन,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा रास्ता,
इश्क़-मोहब्बत में ही मेरा सच्चा वास्ता।
इश्क़ के बिना जीवन अधूरा है,
मोहब्बत के बिना हर पल सूना है,
तू ही मेरी रोशनी, तू ही मेरा नूर,
इश्क़-मोहब्बत में मेरा हर पल भरपूर।
तेरी हर मुस्कान पे दिल कहता है,
यह तो बस इश्क़-मोहब्बत है,
न कोई लफ्ज़, न कोई इज़हार है,
इश्क़-मोहब्बत में मेरा बेपनाह प्यार है।
इश्क़-मोहब्बत की हर बात निराली,
मेरे दिल की दुनिया बस तुझपे ख़ाली,
तू ही मेरी चाहत, तू ही मेरी तलाश,
इश्क़-मोहब्बत में मेरी हर आस।
जब से हुआ है तुझसे इश्क़-मोहब्बत,
हर पल मिलती रहती है मुझे इज़्ज़त,
तू ही मेरी ज़िंदगी, तू ही मेरी जान,
इश्क़-मोहब्बत में मेरी पहचान।
इश्क़ में रंग जाऊँ, मोहब्बत में खो जाऊँ,
तेरे साथ हर पल मैं जीना चाहूँ,
तू ही मेरी सुबह, तू ही मेरी शाम,
इश्क़-मोहब्बत में मेरा हर काम।
तेरी आँखों में मोहब्बत का गहरा राज़,
इश्क़ ने बिखेरा है हर तरफ अंदाज़,
न कहीं जाना, न कहीं रुकना है,
इश्क़-मोहब्बत में ही जीना है।
इश्क़-मोहब्बत का ये रिश्ता है ख़ास,
जो हर पल रहता है मेरे आस-पास,
तू ही मेरा हमदम, तू ही मेरा प्यार,
इश्क़-मोहब्बत में मेरा संसार।
इश्क़ की आग में, मोहब्बत के साये में,
हम खुद को पाते हैं तेरे इस पाये में,
यह कैसी चाहत है, यह कैसा फ़साना,
इश्क़-मोहब्बत में मेरा दिल है दीवाना।
तेरी मोहब्बत में मेरा दिल धड़कता है,
इश्क़ में मेरा हर पल गुज़रता है,
तू ही मेरी धड़कन, तू ही मेरा सुकून,
इश्क़-मोहब्बत में मेरा हर जुनून।
Ishq-E Rasool Shayari In Hindi | हिंदी में इश्क़-ए-रसूल शायरी

इश्क़-ए-रसूल में मेरा दिल है मग़न,
उनकी रहमतों में ही मेरा है जीवन,
सरकार की मोहब्बत, मेरी हर उम्मीद,
इश्क़-ए-रसूल ही मेरा सच्चा मुरीद।
या रसूल अल्लाह, या हबीब अल्लाह,
इश्क़-ए-रसूल ने किया हमें बेख़ुद, अल्लाह,
उनकी सुन्नतों पे चलना हमारा कर्म है,
ये इश्क़-ए-रसूल ही हमारा सबसे बड़ा धर्म है।
मदीने की फ़िज़ाओं में जीना चाहता हूँ,
इश्क़-ए-रसूल का जाम पीना चाहता हूँ,
उनकी याद में रहना, ये ख़ुशी है मेरी,
इश्क़-ए-रसूल ही तो है मेरी हर घरी।
इश्क़-ए-रसूल है, मेरी रूह की आवाज़,
उनकी मोहब्बत है मेरे दिल का राज़,
न कोई ग़म, न कोई फ़िक्र है,
बस इश्क़-ए-रसूल का हर पल ज़िक्र है।
उनकी याद में आँखें नम रहती हैं,
इश्क़-ए-रसूल की ज़ुबां पे हर दम बातें रहती हैं,
वो ही मेरी मंज़िल, वो ही मेरा किनारा हैं,
ये इश्क़-ए-रसूल से ही मुझे सहारा है।
मुस्तफ़ा की चाहत, यही मेरा ईमान है,
इश्क़-ए-रसूल है मेरी सबसे बड़ी शान है,
उनके कदमों में झुकी है हर मेरी चाहत,
उनकी सोहबत में ही मिलती है दिल को राहत।
इश्क़-ए-रसूल है मेरा सबसे बड़ा सुकून,
उनके बिना मेरा हर पल बेज़ुबान, बेसुकून,
उनकी मोहब्बत में मैंने दुनिया भुलाई,
इश्क़-ए-रसूल में मेरी ज़िंदगी समाई।
इश्क़-ए-रसूल वो है, जो रूह को पाक करता है,
हर गुनाह से बंदे को साफ करता है,
उनकी शफ़ाअत ही तो है बस आसरा मेरा,
इश्क़-ए-रसूल से ही रोशन है सवेरा मेरा।
मदीने की गलियों में मेरा दिल भटकता है,
इश्क़-ए-रसूल में मेरा हर पल मचलका है,
कब होगा दीदार, कब आएगी वो घड़ी,
जब इश्क़-ए-रसूल में हो जाए मेरी सवारी।
या नबी, तेरे इश्क़ में दिल खो गया है,
हर पल तेरा ही ज़िक्र हो गया है,
तू ही मेरे दिल का सुकून, तू ही है मेरा नूर,
इश्क़-ए-रसूल में मेरा हर पल भरपूर।
उनकी रहमतों का साया मुझपे रहता है,
इश्क़-ए-रसूल में मेरा दिल बहकता है,
वो ही मेरा सब कुछ, वो ही मेरा ईमान,
इश्क़-ए-रसूल में ही मेरी पहचान।
इश्क़-ए-रसूल में हर दिल महकता है,
उनका पैग़ाम हर जगह चमकता है,
ये कैसा नशा है, ये कैसा जुनून,
इश्क़-ए-रसूल में ही मिलता है सुकून।
इश्क़-ए-रसूल है, ये मेरा हर अरमान है,
उनके दीदार पे मेरी हर जान कुर्बान है,
वो ही मेरे आक़ा, वो ही मेरे दाता हैं,
इश्क़-ए-रसूल ही तो मेरा किस्मत विधाता हैं।
उनके लिए जीना, उनके लिए मरना है,
इश्क़-ए-रसूल से ही मेरा जीवन सँवरना है,
वो ही मेरे रहबर, वो ही मेरे दाता,
इश्क़-ए-रसूल ही तो है मेरा सबसे बड़ा नाता।
इश्क़-ए-रसूल में हर चीज़ हसीन लगती है,
उनकी मोहब्बत ही तो मेरे संग चलती है,
न कोई चाहत, न कोई तमन्ना है बाकी,
इश्क़-ए-रसूल ही तो है मेरी हर झाँकी।
उनकी रहमतों का साया हर पल है,
इश्क़-ए-रसूल में मेरा हर हर हल है,
वो ही मेरी नूर, वो ही मेरा क़रार,
इश्क़-ए-रसूल है मेरा सबसे बड़ा प्यार।
इश्क़-ए-रसूल ने मेरे दिल को बहलाया,
हर मुश्किल से मुझे उनसे ही बचाया,
वो ही मेरे मालिक, वो ही मेरे दाता,
इश्क़-ए-रसूल ही तो है मेरा सबसे सच्चा नाता।
इश्क़-ए-रसूल में ही तो है सच्चा ईमान,
उनके नाम पे कुर्बान है मेरा दिल और जान,
वो ही मेरी सुबह, वो ही मेरी शाम हैं,
इश्क़-ए-रसूल ही तो मेरे सारे काम हैं।
उनकी मोहब्बत में मैंने दुनिया भुलाई,
इश्क़-ए-रसूल में ही मेरी हर ख़ुशी समाई,
वो ही मेरे रहबर, वो ही मेरे प्यारे हैं,
इश्क़-ए-रसूल में ही तो मेरे तारे हैं।
इश्क़-ए-रसूल ने मुझे जीना सिखाया है,
गुमराही से मुझे बचा कर बचाया है,
उनकी नज़रों से ही मिलती है रहमत,
इश्क़-ए-रसूल में ही है हर बरकत।
हर पल है दुआ कि उनका दीदार हो,
इश्क़-ए-रसूल हर दिल में बेक़रार हो,
ये उनकी मोहब्बत है, जो रब ने दी,
इश्क़-ए-रसूल ही तो मेरी आस है जी।
उनके लिए रोना, उनके लिए हँसना है,
इश्क़-ए-रसूल में ही दिल को बसना है,
कोई और चाहत अब बाकी नहीं है,
ये इश्क़-ए-रसूल, मेरी सबसे प्यारी है।
इश्क़-ए-रसूल की महक मेरे घर में हो,
मेरा हर सांस उनके ही ज़िक्र में हो,
ये मोहब्बत है, ये वफ़ा है, ये ईमान,
इश्क़-ए-रसूल, मेरी सबसे बड़ी शान।
मेरा हर पल है उनकी याद में गुज़रा,
इश्क़-ए-रसूल ने मुझको सँवारा,
ये कैसी मोहब्बत है, ये कैसा इश्क़,
जिसने दिल में डाला सबसे गहरा ज़िक्र।
इश्क़-ए-रसूल है मेरी दुनिया का आधार,
उनके बिना मेरा हर पल बेक़रार,
ये नाता नहीं, ये तो रूह का मिलन है,
इश्क़-ए-रसूल ही तो मेरा दिल का धन है।
Ishq Ki Shayari In Hindi | हिंदी में इश्क़ की शायरी

इश्क़ की राहों में चलते-चलते,
हम खुद को भूल गए फिसलते-फिसलते,
तेरी साँसों में अब मेरी साँसें हैं,
यह कैसा अनोखा प्यार है, यह कैसी बातें हैं।
इश्क़ की गहराई को कौन नाप पाएगा,
जो इसमें डूबा, वही इसे जान पाएगा,
यह तो एक नशा है, एक जुनून है,
इसमें जीने का अपना ही सुकून है।
इश्क़ की गलियों में खो गए हम,
तेरी एक झलक के लिए दीवाने हो गए हम,
अब तो हर पल बस तेरा ही इंतज़ार है,
लगता है, तुझसे ही मेरा संसार है।
इश्क़ की बातें, इश्क़ के अफ़साने,
जब से तुम मिले हैं, हम हो गए पुराने,
तेरी बाहों में पनाह मिल जाए अगर,
तो यह दिल कहेगा, बस यही है मेरा घर।
तेरी हर बात में इश्क़ की झलक है,
तेरे हर अंदाज़ में मोहब्बत की ललक है,
क्या करें, अब तो हर पल तेरा ही इंतज़ार है,
इश्क़ की हर बात में बस तेरा ही प्यार है।
इश्क़ की आग में जलकर भी सुकून पाया,
मैंने तुझमें ही अपना जहान बसाया,
यह जीवन भी तेरे नाम कर दिया मैंने,
क्यूँकि इश्क़ में ही तो है सब कुछ पा लिया मैंने।
इश्क़ की दुनिया में खोए रहते हैं,
बस तेरी यादों में डूबे रहते हैं,
न कहीं चैन है, न कहीं क़रार है,
इश्क़ की हर बात में बस तेरा ही प्यार है।
इश्क़ की हर राह पर तू ही तू है,
मेरे दिल में बस तेरी ही जुस्तजू है,
तेरी चाहत में यह दिल धड़कता है,
इश्क़ की हर बात में यह भटकता है।
इश्क़ की बातें दिल से निकलती हैं,
यह तो हर पल रूह में बसती हैं,
न कोई वजह, न कोई हिसाब है,
इश्क़ की हर बात में एक मीठा ख़्वाब है।
इश्क़ की मिठास से भरा है मेरा जीवन,
बिन तेरे हर पल अधूरा, हर दिन बेमन,
तेरी आँखों में है मेरी दुनिया सारी,
इश्क़ की हर बात है प्यारी।
इश्क़ की हर अदा पे दिल फ़िदा है,
तेरी मोहब्बत ने मुझे ख़ुदा बना दिया है,
साँसों में तेरी याद, हर लम्हा तेरा इन्तज़ार,
इश्क़ की हर बात में बस तेरा ही प्यार।
इश्क़ की धुन में मेरा दिल गाता है,
तेरी मोहब्बत में हर पल मुस्कुराता है,
न कोई डर, न कोई फ़िक्र है अब,
इश्क़ की हर बात में बस मेरा रब है।
इश्क़ की ज़ुबां में कुछ ऐसी बात है,
जो बिन कहे भी सब कुछ कह जाती है,
यह तो वो एहसास है, वो जज़्बात है,
इश्क़ की हर बात में एक नई रात है।
इश्क़ की राहों में हम बेख़ुद हुए,
तेरी चाहत में हर पल ख़ुद को खोए हुए,
न कोई मंज़िल, न कोई ठिकाना है,
इश्क़ की हर बात में बस तेरा ही फ़साना है।
इश्क़ की हर साँस में तेरा नाम है,
तेरी मोहब्बत मेरा सबसे अच्छा काम है,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा रास्ता,
इश्क़ की हर बात में मेरा सच्चा वास्ता।
इश्क़ की दुनिया है बड़ी रंगीन,
हर पल इसमें लगता है हसीन,
तेरे बिना सारा आलम सूना है,
इश्क़ की हर बात से जीना है दूना।
इश्क़ की हर क़सम, हर वादा है,
तेरी मोहब्बत मेरा सबसे बड़ा इरादा है,
न कोई मुश्किल, न कोई इम्तिहान,
इश्क़ की हर बात में मेरी पहचान।
इश्क़ की आग में जलते रहते हैं,
तेरी यादों में हर पल बहते रहते हैं,
यह कैसी मोहब्बत है, यह कैसा प्यार,
इश्क़ की हर बात में बस तेरा ही यार।
इश्क़ की हवाओं में बहते रहते हैं,
तेरी चाहत में हर पल जीते रहते हैं,
यह दिल बस तेरे लिए धड़कता है,
इश्क़ की हर बात में मेरा नाम है।
इश्क़ की हर कहानी बेमिसाल है,
इसकी हर बात बेमिसाल है,
तू ही मेरी प्रेरणा, तू ही मेरी आशिकी,
इश्क़ की हर बात में मेरी ज़िंदगी।
इश्क़ की हर बात में जादू है,
तेरी हर अदा पे मेरा दिल काबू है,
न कहीं चैन, न कहीं सुकून है,
इश्क़ की हर बात में मेरा जुनून है।
इश्क़ की हर नज़र में तेरा ही अक्स है,
मेरी ज़िंदगी में बस तेरा ही लक्ष्य है,
तेरी मोहब्बत में मेरा हर पल डूबा है,
इश्क़ की हर बात में मेरा दिल छुपा है।
इश्क़ की हर रात अधूरी है,
तेरे बिना हर चाहत नामंजूरी है,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा रास्ता,
इश्क़ की हर बात में मेरा सच्चा वास्ता।
इश्क़ की हर धड़कन में तेरा नाम है,
हर सुबह, हर शाम, मेरा हर काम है,
तेरी मोहब्बत में मेरा दिल धड़कता है,
इश्क़ की हर बात में ये भटकता है।
इश्क़ की हर आह में तेरा ज़िक्र है,
मेरी हर चाहत में तेरी ही फ़िक्र है,
न कोई शिकायत, न कोई आरज़ू है,
इश्क़ की हर बात में मेरी जुस्तजू है।
Ishq Love Shayari In Hindi | हिंदी में इश्क़ लव शायरी

इश्क़ और लव, ये दोनों ही तो हो तुम,
मेरी ज़िंदगी में हर पल छाए हो तुम,
तेरी आँखों में देखा है मैंने अपना जहान,
इश्क़-लव से भरा है मेरा हर पल है जवान।
जब से हुआ है तुमसे इश्क़-लव वाला प्यार,
हर पल अब लगता है जैसे बसंत बहार,
इश्क़-लव की हवाएँ, इश्क़-लव की फ़िज़ा,
तेरे बिना जीना अब लगता है सज़ा।
इश्क़-लव की बातें करते हैं, इश्क़-लव वाला दिल है,
तेरी चाहत में हर मुश्किल भी मंज़िल है,
न कोई डर, न कोई फ़िक्र है अब,
इश्क़-लव की दुनिया में मेरा खुदा है अब।
तेरी हर अदा पे इश्क़-लव वाला जादू है,
मेरा दिल अब तेरे इश्क़-लव में बेकाबू है,
इश्क़-लव की चाहत, इश्क़-लव वाला जुनून,
तेरे बिना हर पल मेरा बेज़ुबान, बेसुकून।
इश्क़-लव की राहों में, हम खो गए हैं,
तेरी मोहब्बत में रूह से रूह हो गए हैं,
हर साँस में तेरा नाम, हर पल तेरी याद,
इश्क़-लव की दुनिया में मेरा दिल है आबाद।
इश्क़-लव वाली आँखों में देखा है मैंने प्यार,
तू ही तो है मेरा सबसे सुंदर संसार,
तेरे बिना हर पल सूना-सूना लगता है,
इश्क़-लव वाला दिल बस तेरा ही नाम जपता है।
प्यार में तेरे, इश्क़-लव की बातें करता हूँ मैं,
तेरी हर मुस्कान पे मरता हूँ मैं,
इश्क़-लव की ख़ुशबू, इश्क़-लव की हवा,
तेरे बिना मेरी ज़िंदगी बेवफ़ा।
इश्क़-लव की रातें, इश्क़-लव की सुबह,
तेरी बाहों में ही मेरा हर पल खुशनुमा,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा किनारा है,
इश्क़-लव वाला प्यार मेरा, सबसे प्यारा है।
इश्क़-लव की शायरी में तेरी बातें लिखी हैं,
हर लफ्ज़ में मेरी चाहत तूने देखी है,
न कोई शिकवा, न कोई शिकायत है अब,
इश्क़-लव वाला प्यार मेरा, सबसे गहरा है अब।
जब से हुआ है तुमसे इश्क़-लव वाला इज़हार,
हर पल अब लगता है जैसे बसंत बहार,
इश्क़-लव की धुन में मेरा दिल नाचता है,
तेरे बिना यह जीवन बेगाना है।
इश्क़-लव वाली आँखों का जादू है निराला,
तेरी चाहत में मेरा दिल हुआ बावला,
न कहीं चैन, न कहीं ठिकाना है,
इश्क़-लव वाला दिल बस तेरा ही दीवाना है।
इश्क़-Lव वाली बातें, इश्क़-Lव वाले वादे,
तेरे इश्क़-लव में डूबे हुए हम हो गए आधे,
न कोई दुनिया, न कोई ज़माना है,
इश्क़-लव वाले प्यार में ही हमें जीना है।
इश्क़-लव वाली मोहब्बत हो गई है तुमसे,
जो हर पल रहती है मेरे साथ मुझसे,
तू ही मेरी धड़कन, तू ही मेरी जान,
इश्क़-लव वाली दुनिया में मेरी पहचान।
तेरी हर अदा पे इश्क़-लव वाला प्यार आता है,
तेरी बातों में मेरा दिल बहल जाता है,
इश्क़-लव की राहों में चलता रहता हूँ,
तेरे प्यार में ही हर पल जीता हूँ।
इश्क़-लव वाली दुनिया में, मेरा दिल खो गया है,
तेरी मोहब्बत में यह सब कुछ हो गया है,
न कोई मंज़िल, न कोई राह है अब,
इश्क़-लव वाला प्यार मेरा, सबसे गहरा है अब।
तेरी साँसों में इश्क़-लव वाली धुन है,
तेरी मोहब्बत मेरा सबसे बड़ा सुकून है,
इश्क़-लव की चाहत, इश्क़-Lव वाला एहसास,
तू ही तो है मेरी सबसे प्यारी आस।
इश्क़-लव की शायरी में तुझको लिखूँ,
हर पल बस तुझको ही देखूँ,
तेरी हँसी, तेरी बातें, तेरा अंदाज़,
इश्क़-लव वाला प्यार मेरा, सबसे ख़ास राज़।
जब से हुआ है तुमसे इश्क़-लव वाला रोग,
छोड़ दिए मैंने दुनिया के सारे भोग,
इश्क़-लव की आग में जलता रहता हूँ,
तेरे प्यार में ही हर पल जीता हूँ।
इश्क़-लव वाली निगाहों से देखा तूने मुझे,
मेरा दिल तेरे इश्क़-लव में ही डूबा तुझे,
न दिन का पता, न रात का ठिकाना है,
इश्क़-लव वाला दिल बस तेरा ही दीवाना है।
इश्क़-लव वाली मोहब्बत का रंग चढ़ा है मुझपे,
तेरी चाहत का जादू है मेरे इस दिल पे,
हर पल बस तेरा ही इंतज़ार रहता है,
इश्क़-लव वाला दिल बस तेरा ही नाम जपता है।
तेरी हर बात में इश्क़-लव वाली मिठास है,
मेरी ज़िंदगी में बस तेरी ही पास है,
इश्क़-लव वाली दुनिया में मेरा ही राज़ है,
तेरे बिना हर पल मेरा बेग़ैरत है।
इश्क़-लव वाली सुबह, इश्क़-लव वाली शाम,
तेरी मोहब्बत में मेरा हर काम,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरी राह,
इश्क़-लव वाला प्यार मेरा, बेपनाह।
इश्क़-लव वाली बातों से दिल बहलता है,
तेरी यादों में मेरा हर पल पिघलता है,
न कहीं जाना, न कहीं रुकना है,
इश्क़-लव वाले प्यार में ही जीना है।
तेरी आँखों में वो इश्क़-लव वाली चमक है,
जो मेरे दिल को देती एक नई महक है,
इश्क़-Lव वाली चाहत, इश्क़-Lव वाला एहसास,
तू ही तो है मेरी सबसे प्यारी आस।
इश्क़-लव वाली धुन में मेरा दिल गाता है,
तेरी मोहब्बत में हर पल मुस्कुराता है,
न कोई डर, न कोई फ़िक्र है अब,
इश्क़-लव वाली दुनिया में मेरा खुदा है अब।
Ishq-E Banaras In Hindi Shayari | हिंदी में इश्क़-ए-बनारस शायरी

इश्क़-ए-बनारस ने हमें जीना सिखाया,
गंगा किनारे हर पल को महकाया,
हर घाट पे एक नई कहानी, नया एहसास,
इश्क़-ए-बनारस में मेरा हर पल है ख़ास।
बनारस की गलियों में इश्क़ हुआ कुछ ऐसा,
घाटों की रौनक में खो गए हम वैसा,
गंगा किनारे दिल ने पुकारा तेरा नाम,
इश्क़-ए-बनारस ने कर दिया हमको गुलाम।
इश्क़-ए-बनारस, मिट्टी का ये एहसास है,
हर कण में महादेव, हर घाट में आस है,
तेरी आँखों में गंगा सी पवित्रता देखी,
बनारस ने हमारे इश्क़ की कहानी लिखी।
बनारसी सुबह, बनारसी शाम,
इश्क़-ए-बनारस में डूबा हर इंसान बेनाम,
जैसे गंगा की लहरें मिलती हैं किनारों से,
वैसे ही इश्क़ मेरा जुड़ा है बनारस के नज़ारों से।
तेरा इश्क़ और बनारस की गलियाँ,
दोनों ही मेरे दिल की हैं पहेलियाँ,
हर लफ्ज़ में तेरा नाम, हर घाट पे तेरी याद,
इश्क़-ए-बनारस में दिल हुआ आबाद।
गंगा का सुकून, घाटों की रुहानी,
इश्क़-ए-बनारस की यह अमर कहानी,
तेरे साथ हो तो हर पल बनारस है,
मेरा इश्क़-ए-बनारस जैसा ख़ास है।
बनारस की हवाओं में घुल गई मेरी साँस,
इश्क़-ए-बनारस मुझपे, यह कैसा एहसास,
यहाँ की मिट्टी में भी है रूहानियत का रंग,
इश्क़-ए-बनारस मेरा है सबसे अलग।
जब भी आता हूँ बनारस, तुझे ही पाता हूँ,
तेरे इश्क़-ए-बनारस में मैं खुद को खो जाता हूँ,
अस्सी घाट पे मिली हमारी पहली मुलाक़ात,
बनारस ने ही लिखी हमारी इश्क़ की हर बात।
बनारसी पान सा मीठा है इश्क़-ए-बनारस,
इसकी ख़ुशबू से महके हर शाम-सवेरा,
गंगा के किनारे बैठ कर सोचा मैंने,
बनारस ने ही तो हमको तुझसे मिलाया मैंने।
इश्क़ की गलियों में बनारसी रंग चढ़ा है,
यह मोहब्बत का जादू हर पल बढ़ा है,
तेरा नाम पुकारते हैं, बनारस के घाटों से,
इश्क़-ए-बनारस जुड़ा है हमारी सारी बातों से।
बनारस की हर गली, हर मंदिर की पुकार,
इश्क़-ए-बनारस मेरा तुझसे, है बेपनाह प्यार,
कहाँ जाऊँ अब, न कोई मंज़िल है,
बस तेरे इश्क़-ए-बनारस में ही मेरा दिल है।
ये इश्क़-ए-बनारस है, जो कभी फीका न पड़े,
गंगाजल जैसा ये पवित्र इश्क़ है,
तेरी आँखों में देखी मैंने काशी की शोभा,
इश्क़-ए-बनारस ने कर दिया मुझको परोभा।
बनारस की नाव में बैठा, तेरी यादें साथ थीं,
इश्क़-ए-बनारस की लहरें मेरे दिल में उठती थीं,
हर घाट पे लगी है तेरी इश्क़ की धुन,
बनारस ने ही तो दिया हमें ये सुकून।
बनारस की रेत, बनारस की हवा,
इश्क़-ए-बनारस में दिल हुआ बावला,
महादेव का शहर, गंगा का है किनारा,
यह इश्क़-ए-बनारस है, सबसे प्यारा।
तेरी चाहत में हम बनारस घूम आए,
हर गली में तेरी यादों को गुनगुनाए,
यह इश्क़-ए-बनारस नहीं, यह तो जादुई सा असर है,
जो अमर है।
इश्क़-ए-बनारस की कहानियों में तेरा ज़िक्र है,
इश्क़-ए-बनारस मेरा तुझसे, यह कैसी फ़िक्र है,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा ठिकाना,
इश्क़-ए-बनारस में जी रहा है ये दीवाना।
बनारसी सुबह का वो अलसाया नज़ारा,
इश्क़-ए-बनारस मेरा सबसे प्यारा दुलारा,
यहाँ की होली, यहाँ का हर त्योहार,
इश्क़-ए-बनारस में है मेरा संसार।
बनारस की चाट, बनारस की चाय,
इश्क़-ए-बनारस मेरा तुझसे, रंगत बढ़ाए,
गंगा के घाटों पे बैठे, बातें करते तेरी,
इश्क़-ए-बनारस की हर बात है मेरी।
यह इश्क़-ए-बनारस है, कुछ अलग ही है,
जो दिल को हर पल भाता रहता है,
तेरी यादों में खोकर, हर पल जीता हूँ,
इश्क़-ए-बनारस का जाम पीता हूँ।
बनारस की गलियों में गुज़री है ज़िंदगी मेरी,
इश्क़-ए-बनारस मेरा तुझसे, है मेरी ख़ुशी तेरी,
हर पत्थर में तेरी तस्वीर दिखती है,
इश्क़-ए-बनारस में मेरी ख़ुशी लिखती है।
बनारस की हर बात में इश्क़-ए-बनारस छुपा है,
गंगा किनारे हर पल खुशनुमा है,
तेरी एक झलक से दिन बन जाता है,
इश्क़-ए-बनारस मेरा हमेशा मुस्कुराता है।
इश्क़ की धुन में बनारसी रंग चढ़ा,
हर पल तेरी चाहत का जादू बढ़ा,
तू ही मेरी काशी, तू ही मेरा धाम है,
इश्क़-ए-बनारस मेरा सबसे अच्छा काम है।
जब भी सोचते हैं इश्क़ की बातें,
बनारस की गलियाँ याद आती हैं,
यह इश्क़-ए-बनाारस मेरा, यह मेरी कहानी,
मेरी ज़िंदगानी।
बनारस में इश्क़, बनारस में प्यार,
यहाँ हर दिल को सुकून मिलता है यार,
तेरी चाहत में डूबा मेरा हर पल है,
इश्क़-ए-बनारस मेरा, सबसे सच्चा हल है।
गंगा किनारे बिताए वो लम्हे ख़ास थे,
जब तू और मैं, इश्क़ के पास थे,
इश्क़-ए-बनारस ने हमें जोड़ा है,
यह कैसा अनोखा रिश्ता है, यह मोड़ा है।
Ishq Bhari Shayari In Hindi | हिंदी में इश्क़ भरी शायरी

इश्क़ भरी बातें, इश्क़ भरी रातें,
तेरे बिना अब कहाँ से शुरू हों ये बातें,
तेरी आँखों में देखा है मैंने अपना जहान,
इश्क़ भरी धुन में मेरा हर पल है जवान।
जब से हुआ है तुमसे इश्क़ भरा प्यार,
हर पल अब लगता है जैसे बसंत बहार,
इश्क़ भरी हवाएँ, इश्क़ भरी फ़िज़ा,
तेरे बिना जीना अब लगता है सज़ा।
इश्क़ भरी बातें करते हैं, इश्क़ भरा दिल है,
तेरी चाहत में हर मुश्किल भी मंज़िल है,
न कोई डर, न कोई फ़िक्र है अब,
इश्क़ भरी दुनिया में मेरा खुदा है अब।
तेरी हर अदा पे इश्क़ भरा जादू है,
मेरा दिल अब तेरे इश्क़ में बेकाबू है,
इश्क़ भरी चाहत, इश्क़ भरा जुनून,
तेरे बिना हर पल मेरा बेज़ुबान, बेसुकून।
इश्क़ भरी राहों में, हम खो गए हैं,
तेरी मोहब्बत में रूह से रूह हो गए हैं,
हर साँस में तेरा नाम, हर पल तेरी याद,
इश्क़ भरी दुनिया में मेरा दिल है आबाद।
इश्क़ भरी आँखों में देखा है मैंने प्यार,
तू ही तो है मेरा सबसे सुंदर संसार,
तेरे बिना हर पल सूना-सूना लगता है,
इश्क़ भरा दिल बस तेरा ही नाम जपता है।
प्यार में तेरे, इश्क़ भरी बातें करता हूँ मैं,
तेरी हर मुस्कान पे मरता हूँ मैं,
इश्क़ भरी ख़ुशबू, इश्क़ भरी हवा,
तेरे बिना मेरी ज़िंदगी बेवफ़ा।
इश्क़ भरी रातें, इश्क़ भरी सुबह,
तेरी बाहों में ही मेरा हर पल खुशनुमा,
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरा किनारा है,
इश्क़ भरा प्यार मेरा, सबसे प्यारा है।
इश्क़ भरी शायरी में तेरी बातें लिखी हैं,
हर लफ्ज़ में मेरी चाहत तूने देखी है,
न कोई शिकवा, न कोई शिकायत है अब,
इश्क़ भरा प्यार मेरा, सबसे गहरा है अब।
जब से हुआ है तुमसे इश्क़ भरा इज़हार,
हर पल अब लगता है जैसे बसंत बहार,
इश्क़ भरी धुन में मेरा दिल नाचता है,
तेरे बिना यह जीवन बेगाना है।
इश्क़ भरी आँखों का जादू है निराला,
तेरी चाहत में मेरा दिल हुआ बावला,
न कहीं चैन, न कहीं ठिकाना है,
इश्क़ भरा दिल बस तेरा ही दीवाना है।
इश्क़ भरी बातें, इश्क़ भरे वादे,
तेरे इश्क़ में डूबे हुए हम हो गए आधे,
न कोई दुनिया, न कोई ज़माना है,
इश्क़ भरे प्यार में ही हमें जीना है।
इश्क़ भरी मोहब्बत हो गई है तुमसे,
जो हर पल रहती है मेरे साथ मुझसे,
तू ही मेरी धड़कन, तू ही मेरी जान,
इश्क़ भरी दुनिया में मेरी पहचान।
तेरी हर अदा पे इश्क़ भरा प्यार आता है,
तेरी बातों में मेरा दिल बहल जाता है,
इश्क़ भरी राहों में चलता रहता हूँ,
तेरे प्यार में ही हर पल जीता हूँ।
इश्क़ भरी दुनिया में, मेरा दिल खो गया है,
तेरी मोहब्बत में यह सब कुछ हो गया है,
न कोई मंज़िल, न कोई राह है अब,
इश्क़ भरा प्यार मेरा, सबसे गहरा है अब।
तेरी साँसों में इश्क़ भरी धुन है,
तेरी मोहब्बत मेरा सबसे बड़ा सुकून है,
इश्क़ भरी चाहत, इश्क़ भरा एहसास,
तू ही तो है मेरी सबसे प्यारी आस।
इश्क़ भरी शायरी में तुझको लिखूँ,
हर पल बस तुझको ही देखूँ,
तेरी हँसी, तेरी बातें, तेरा अंदाज़,
इश्क़ भरा प्यार मेरा, सबसे ख़ास राज़।
Conclusion
तो यह थी कुछ दिलकश Ishq Shayari In Hindi। उम्मीद है आपको यह पसंद आई होगी। शायरी हमारे भावनाओं को व्यक्त करने का एक सुंदर तरीका है। यह हमारे दिलों को करीब लाती है।
प्यार की इस खूबसूरत यात्रा में शायरी का साथ हमेशा रहता है। हमने कई बेहतरीन Ishq Shayari In Hindi प्रस्तुत की। ये आपके प्यार भरे पलों को और भी खास बनाएंगी। आप इन्हें पढ़कर आनंदित होंगे।
इस संग्रह को अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें। आपके प्यार को मजबूत करने में Ishq Shayari In Hindi हमेशा मददगार होगी। प्रेम भरे इन पलों को महसूस करें और बांटें।

