210+ Best Shayari On Teachers In Hindi​ | शिक्षकों पर शायरी हिंदी में

210+ Best Shayari On Teachers In Hindi​ | शिक्षकों पर शायरी हिंदी में

Shayari On Teachers In Hindi​: गुरुओं के सम्मान में प्रस्तुत है यह खास Shayari On Teachers In Hindi. शिक्षक हमारे जीवन के सच्चे मार्गदर्शक होते हैं. वे हमें ज्ञान का सही मार्ग दिखाते हैं.

शिक्षक दिवस पर हम अपने गुरुजन को धन्यवाद देते हैं. उनकी कड़ी मेहनत और सिखाए गए पाठ अनमोल होते हैं. ये शायरी उनके प्रति हमारी कृतज्ञता व्यक्त करती है.

हर विद्यार्थी के जीवन में एक गुरु का विशेष स्थान होता है. यह Shayari On Teachers In Hindi उन सभी गुरुओं को समर्पित है. यह उनके त्याग और समर्पण की भावना को दर्शाती है.

Shayari On Teachers In Hindi | शिक्षकों पर शायरी हिंदी में

गुरु ज्ञान का सागर है,
जो जीवन को दिशा देता है।
अंधेरे में प्रकाश बनकर,
राहों को रोशन करता है।

शिक्षक ही वो माली है,
जो बगिया सजाता है।
करके शिक्षा का सिंचन,
हर फूल खिलाता है।

जीवन की हर उलझन में,
गुरु ही राह दिखाता है।
कठिनाइयों से लड़ने का,
साहस वो बढ़ाता है।

अज्ञानता का अँधेरा मिटाकर,
ज्ञान का दीप जलाता है।
शिक्षक ही तो वो फरिश्ता है,
जो भविष्य को संवारता है।

किताबों से परे भी,
जो जीवन सिखाता है।
हर एक कदम पर हमें,
सही राह बताता है।

सपनों को हकीकत में,
बदलने का हौसला देता है।
शिक्षक ही हमारा सबसे बड़ा,
मार्गदर्शक होता है।

जो खुद जलकर दूसरों को,
ज्ञान की रौशनी देता है।
शिक्षक रूपी दीपक सदा,
जीवन को प्रकाशित करता है।

नादान थे हम कितने,
गुरु ने समझदार बनाया।
गिरते हुए को हर बार,
उठना हमें सिखाया।

ज्ञान की गंगा बहाकर,
जो चेतना जगाता है।
जग में ऊंचा स्थान वो,
शिक्षक ही पाता है।

अक्षर ज्ञान से पहले,
जो जीवन दर्शन देता है।
ऐसे महान गुरु के चरणों में,
शत-शत नमन हमारा है।

गुरु की महिमा अपरंपार,
कौन इसे जान सका है।
उनकी कृपा से ही तो,
जीवन महान बना है।

अज्ञान का अंधकार मिटाया,
ज्ञान का प्रकाश फैलाया।
गुरुदेव की महिमा अगाध,
जिसने हमें जीना सिखाया।

शिक्षक ही वो किरण है,
जो राह में उजाला करती है।
कठिन से कठिन डगर को भी,
आसान बनाती है।

जीवन के हर मोड़ पर,
सही दिशा वो दिखाता है।
शिक्षक ही तो वो कुम्हार है,
जो जीवन को आकार देता है।

जो हमारे भीतर के,
सर्वोत्तम को जगाता है।
शिक्षक ही तो वो शिल्पी है,
जो भविष्य सजाता है।

कदमों में रखे गुरु के,
ज्ञान की ज्योति मिलती है।
जीवन की हर मुश्किल में,
सही राह दिखती है।

शिक्षक नहीं सिर्फ एक पाठ,
पूरा जीवन वो सिखाते हैं।
अपने शिष्यों के लिए वो,
हर पल तत्पर खड़े रहते हैं।

जिसने चलना सिखाया,
जिसने बोलना बताया।
उस गुरु के चरणों में,
मेरा शीश झुकाया।

शिक्षक के बिना ज्ञान नहीं,
ज्ञान के बिना सम्मान नहीं।
गुरु ही है वो दाता,
जिसके बिना पहचान नहीं।

उनकी शिक्षा ही तो,
हमारी पूंजी होती है।
जो हर मुश्किल में हमें,
ताकत देती है।

गुरु की डांट में भी,
प्यार छिपा होता है।
वह हमें सही राह पर,
लाना चाहता है।

Shayari On Teachers In Hindi For Farewell | शिक्षकों को विदाई के लिए शायरी हिंदी में

आज विदाई की बेला है,
नैनों में आँसू भरे हैं।
याद रहेंगे हमें हमेशा,
आपके प्यार भरे सबक।

ज्ञान का ये सफर आपका,
हमें बहुत कुछ सिखा गया।
जाते-जाते भी आप हमें,
एक सीख दे गए।

माना कि आप जा रहे हैं,
मगर दिल से नहीं।
आपके दिखाए रास्ते पर,
हम सदा चलेंगे वहीं।

जब भी याद आएंगे आप,
हमारी आँखें नम होंगी।
आपकी कही हर बात,
हमेशा साथ होगी।

आपकी कमी खलेगी हमें,
हर एक पल हर एक कदम।
शिक्षक बनकर आप रहे,
हमारे सबसे प्रिय हमदम।

जीवन में आगे बढ़ेंगे,
आपके आशीर्वाद से।
हमारी कामयाबी में होगा,
आपका भी एक खास हिस्सा।

अलविदा कहना मुश्किल है,
दिल भारी हो रहा है।
आपके बिना ये प्रांगण,
सूना-सूना लग रहा है।

जिन हाथों ने हमें गढ़ा,
आज वो दूर जा रहे हैं।
यादों के सहारे ही अब,
हम जी पा रहे हैं।

आपकी सिखाई हर बात,
दिल में संजोय रखेंगे।
गुरुजी आप कहीं भी रहें,
हम आपको याद करेंगे।

यह विदाई का क्षण,
एक नई शुरुआत भी है।
आपकी अनुपस्थिति में भी,
आपका ज्ञान हमारे साथ है।

जा रहे हैं आप, मगर,
यादें छोड़ जा रहे हैं।
हर मुश्किल में हमें,
प्रेरणा दे जा रहे हैं।

जीवन की पाठशाला में,
आपसे बहुत कुछ सीखा।
आपके जाने से अब,
यह दिल कितना दुखा।

आपकी छवि रहेगी,
हमेशा हमारे मन में।
जब भी पढ़ेंगे कुछ नया,
याद आएंगे आप तब में।

नमन आपको गुरुवर,
आपका यह ऋण चुका न पाएंगे।
जीवन के हर पड़ाव पर,
आपकी सीख अपनाएंगे।

जैसे फूल अपने माली से,
बिछड़ कर मुरझा जाता है।
वैसे ही गुरु आपके बिना,
हमारा मन उदास हो जाता है।

आपकी बातें, आपके किस्से,
हमेशा दिल में रहेंगे।
आप भले ही दूर हों,
हम आपको ना भूलेंगे।

आपने हमें सिखाया,
कैसे चलना है जीवन में।
आज आपकी विदाई पर,
आँसू हैं हर नयन में।

विदा का यह पल,
आँखों को नम कर गया।
गुरुवर आपका ज्ञान,
हमें रास्ता दिखा गया।

आपकी छाया में हमने,
ज्ञान का दीपक जलाया।
आज विदाई की बेला में,
मन बहुत भर आया।

जहाँ भी जाएँ आप,
खुशियाँ साथ रहें।
हमारी दुआएँ हमेशा,
आपके पास रहें।

आपकी हर सीख,
हमारे जीवन का आधार है।
विदा लेते हुए कहते हैं,
आपको हमारा प्यार है।

Shayari On Teachers In Hindi Funny | शिक्षकों पर मजेदार शायरी हिंदी में

शिक्षक की मार थी लगती,
तब बहुत हम रोते थे।
आज समझते हैं कि वो,
हीरे कैसे बनाते थे।

क्लास में जब नींद आती थी,
शिक्षक का डर जगाता था।
परीक्षा का नाम सुनते ही,
पसीना सबको आता था।

कॉपी चेक करते ही गुरु जी,
लाल पेन से लिख देते थे।
“पढ़ाई पर ध्यान दो बेटा”,
हमें फिर से समझा देते थे।

जब भी कुछ भूल जाते थे,
शिक्षक गुस्सा करते थे।
पर अगले ही पल फिर वो,
हल्के से मुस्कुराते थे।

होमवर्क ना करके जाने पर,
खड़े करवा देते थे।
सोचते थे कब ये पीरियड,
जल्दी से खत्म होता था।

शिक्षक की डांट भी लगती थी,
एक मीठी सी सजा जैसी।
क्योंकि जानते थे कि वो,
हमारे भले की सोचते हमेशा।

पास होने की खुशी से ज़्यादा,
शिक्षक का आशीर्वाद लुभाता था।
कभी-कभी लगता था गुरु जी,
हमारा गुस्सा भी खा जाते थे।

सवाल पूछने की हिम्मत में,
जब घबराते थे हम बच्चे।
शिक्षक समझाते थे प्यार से,
“घबराओ मत, सब सच्चे हैं।”

जब भी स्कूल की घंटी बजती,
गुरुजी की आवाज आती थी।
“बच्चों, शांत हो जाओ अब”,
पूरी क्लास तब सन्नाटे में छा जाती थी।

आज भी याद आती है वो,
गुरुजी की छड़ी वाली बात।
जब कॉपी पे ना लिखते थे,
तो बनती थी पिटाई की घात।

गणित में जब फसते थे,
तो गुरुजी ही बचाते थे।
फॉर्मूले रट-रट कर हम,
फिर भी नंबर कम लाते थे।

स्कूल में जब छुट्टी हुई,
शिक्षक जी हम से बोले।
“काश तुम सब पढ़ लेते,
तो रहते न खाली गोले।”

जब कोई बच्चा शैतानी करता,
शिक्षक की नजर उस पर टिकती।
अगले दिन वो बच्चा बेचारा,
पूरी क्लास में सीधा दिखता।

अध्यापक की क्लास में,
घड़ी की सुई धीमी चलती थी।
और छुट्टी की घंटी तब तो,
मन में आशा जगाती थी।

जब भी इम्तिहान आते थे,
शिक्षकों का डर सताता था।
काश कोई जादू हो जाए,
और सब याद आ जाता था।

शिक्षक की क्लास में जब,
अखबार पढ़ते पकड़े जाते थे।
तो अगले दिन हम सब,
किताब लेकर आते थे।

आज भी याद आता है,
वो गुरु जी का मुस्कुराना।
जब कोई मुश्किल सवाल,
हम गलत कर जाते थे।

शिक्षक थे बड़े दिलवाले,
जो माफ कर देते थे गलतियाँ।
बशर्ते हम लिख देते,
पचास बार वही पंक्तियाँ।

जब भी क्लास में शोर होता,
शिक्षक की आँखें लाल होती थीं।
और सब तुरंत शांत हो जाते,
ये उनकी कमाल होती थी।

कभी-कभी सोचते थे,
काश शिक्षक न होते।
पर फिर लगता, बिना उनके,
हम कुछ भी न कर पाते।

हम तो बस नकल करने वाले,
शिक्षक ने ही हमें सिखाया।
पर जब पकड़े जाते थे,
तो कान ज़रूर ऐंठवाया।

Urdu Shayari On Teachers In Hindi | उर्दू शायरी शिक्षकों पर हिंदी में

अदब सिखाया, हुनर सिखाया,
ज़िन्दगी का सलीका सिखाया।
उस्ताद ने ही तो हमें,
हर मुश्किल से निकलना सिखाया।

गुलशन-ए-तालीम के वो माली,
जिनकी बदौलत हम खिले।
उनकी रहनुमाई में ही तो,
हमने कामयाबी के पैगाम लिए।

उस्ताद की दुआएँ हैं,
जो हमेशा रंग लाती हैं।
उनकी डांट में भी तो,
हज़ारों नेमतें आती हैं।

हर इल्म के पीछे है,
एक उस्ताद का हाथ।
इनकी कुर्बानियों के लिए,
हमेशा रहेंगे हम साथ।

शम्अ-ए-ज्ञान जलाकर,
अंधेरा दूर जो करते हैं।
ऐसे ही तो उस्ताद हमारे,
जीवन को रोशन करते हैं।

अलिफ, बे, पे से शुरू होकर,
ज़िन्दगी के अदब तक ले आए।
इन उस्तादों की ही देन है,
जो हम इस मुकाम पर आए।

जो कलम की ताकत हमें,
हर रोज़ सिखाते हैं।
वो हमारे उस्ताद ही हैं,
जो हमें सही राह दिखाते हैं।

उस्ताद की बात मानो तुम,
तो सफल हो जाओगे।
इनकी दुआओं से ही तो,
कामयाबी पाओगे।

उनका हर एक लफ्ज़,
एक दरस बन जाता है।
छात्रों के दिल में वो,
अक्सर बस जाता है।

जब भी गिरा मैं राह में,
उन्होंने ही संभाला है।
उस्ताद का साया ही तो,
सबसे बड़ा रखवाला है।

तालीम का सफर है,
लंबा और दूर का।
गुरु के बिना भला,
कौन पार करेगा रास्ता।

सलीका-ए-मुहब्बत ही नहीं,
ज़िन्दगी का हुनर भी सिखाते हैं।
उस्ताद ही तो हमें,
इंसान बनाते हैं।

जो नूर-ए-इल्म देते हैं,
वो उस्ताद कहलाते हैं।
अज्ञानता के अंधेरे से हमें,
बाहर वो निकालते हैं।

अपनी जान से भी ज़्यादा,
शिष्य को जो चाहते हैं।
वो हमारे उस्ताद ही हैं,
जो हमारा भला चाहते हैं।

हर ज़ुबां पे जिनकी चर्चा,
हर दिल में जिनकी इज्ज़त है।
उस्ताद की पहचान ही तो,
सबसे बड़ी दौलत है।

जो हमारे ख्यालों को,
ऊँची उड़ान देते हैं।
वो हमारे उस्ताद ही हैं,
जो हमें पहचान देते हैं।

उनका हर एक पैगाम,
शिक्षा का सार है।
उस्ताद के बिना ये जीवन,
बेकार और बेकार है।

जिसने हमको पढ़ना सिखाया,
और लिखना बतलाया।
उस्ताद की ही फ़ज़ल से,
हम ने ये मक़ाम पाया।

इल्म की दौलत लुटाते हैं,
खुदी को मिटाते हैं।
कौन हैं वो भला,
उस्ताद ही तो ऐसा करते हैं।

नज़रिए को बदलना,
और जीना सिखाया।
हमने तो उस्ताद से ही,
ये इल्म कमाया।

उस्ताद की मौजूदगी,
एक रहमत से कम नहीं।
इनके बिना तो ज़िन्दगी,
कीमत से कम नहीं।

Funny Shayari On Teachers In Hindi For Farewell | शिक्षकों को विदाई के लिए मजेदार शायरी हिंदी में

जा रहे हैं आप, अलविदा,
अब कौन डांटेगा हमें रोज।
क्लास में शांत रहने को,
अब कौन बोलेगा हमें खोज-खोज।

फेयरवेल पर क्या कहें,
दिल हो रहा है थोड़ा नम।
पर ये भी सच है कि अब,
बिना डर के खुल के सोएंगे हम।

आपकी क्लास में आते ही,
मोबाइल छुपा लेते थे हम।
अब बेफिक्र गेम खेलेंगे,
क्योंकि आप नहीं होंगे अब।

जाने से आपके गुरु जी,
बड़ा फायदा हो जाएगा।
होमवर्क का डर हमारा,
बस एक सपना बन जाएगा।

जब भी आप जाते थे बाहर,
क्लास में शोर होता था।
अब तो आप हमेशा ही,
क्लास से बाहर ही होंगे।

आपकी छड़ी का डर था,
जो हमें सीधा रखता था।
अब कौन करेगा ये काम,
खुदा जाने क्या होगा।

अलविदा गुरु जी, अलविदा,
आपकी याद आएगी बहुत।
पर अब कौन पूछेगा हमसे,
“कहाँ है तुम्हारी कॉपी, ओ भूत!”

आपने हमें सिखाया कैसे,
परीक्षा में पास होते हैं।
पर अब आपके बिना,
कौन हमें टिप्स देगा।

आपकी क्लास में जब बैठे थे,
पल-पल गिनती करते थे।
अब बेफिक्र बातें करेंगे,
कोई टोकेगा नहीं।

टेस्ट का डर था बड़ा,
जब आप क्लास में आते थे।
अब तो बस मज़े करेंगे,
कौन हमें डिस्टर्ब करेगा।

हमेशा कहते थे आप,
“पढ़ाई पर ध्यान दो, बच्चों।”
पर हमारा ध्यान तो बस,
छुट्टी की घंटी पर टिकता था।

अब कौन समझाएगा हमें,
गणित के मुश्किल सवाल।
अब तो बस गूगल ही,
हमारा सहारा बनेगा।

आपका जाना एक दुःख है,
पर एक खुशी भी लाया है।
सोने का अच्छा बहाना,
अब हमें मिल गया है।

आपकी हर डांट में था,
ज्ञान का एक सागर।
अब हम अपनी मर्जी से,
ढूंढेंगे अपना नया रास्ता।

अब कौन कहेगा हमें,
“पढ़ाई कर लो, लाला।”
लगता है अब हम ही,
बनेंगे अपने गुरु, साला।

आपके जाने से अब,
क्लास में मौज रहेगी।
शोर भी ज्यादा होगा,
और पढ़ाई भी कम रहेगी।

फेयरवेल है आपका,
तो पार्टी तो बनती है।
कुछ मीठे पकवानों के साथ,
खुशियों का माहौल बनता है।

आज आप जा रहे हैं,
थोड़ा अजीब लग रहा है।
क्योंकि अब हम आपको,
कहां छेड़ेंगे, कहाँ परेशान करेंगे।

आपके बिना अब कौन,
हमारी अटेंडेंस लेगा।
अब तो हम अपनी मर्जी से,
क्लास बंक कर सकते हैं।

आपने हमें सिखाया,
कैसे बहाने बनाने हैं।
अब आपके जाने के बाद,
कौन हमें पकड़ेगा।

आपकी विदाई पर हम,
थोड़े खुश, थोड़े उदास हैं।
क्योंकि अब हम अपनी मर्जी से,
क्लास में सो सकते हैं, पास हैं।

Funny Shayari On Teachers In Hindi For Students | छात्रों के लिए शिक्षकों पर मजेदार शायरी हिंदी में

टीचर जब क्लास में आते,
तो सबको नींद आती थी।
फिर जब मार पड़ने लगती,
तो नींद भाग जाती थी।

मैथ्स के पीरियड में जब,
टीचर सवाल पूछते थे।
हम सब डर के मारे,
एक दूसरे को देखते थे।

होमवर्क ना करने पर,
मिलती थी रोज़ टीचर से मार।
फिर भी हम ना सुधरते,
लाते थे नया बहाना हर बार।

शिक्षक की डांट में भी,
प्यार भरा होता था।
पर तब हम सोचते थे,
यह सब क्यों होता था।

जब भी छुट्टी का टाइम होता,
टीचर थोड़ा और पढ़ाते थे।
हम सब सोचते थे मन में,
आज फिर लेट करवाएंगे।

एग्जाम के दिनों में तो,
टीचर राक्षस लगते थे।
बिना बात के भी बेचारे,
बस हमें डराते रहते थे।

कॉपी चेक करते ही जब,
टीचर गुस्से में आते।
हमेशा लगता था पास होंगे,
पर वो फेल ही कर जाते।

टीचर पूछते थे “समझ आया?”,
हम सब सिर हिला देते थे।
पर अगले ही पल फिर हम,
सब कुछ भूल जाते थे।

क्लास में जब शोर होता था,
टीचर की नज़र घूमती थी।
और जो पकड़ा जाता था,
उसकी पिटाई होती थी।

कुछ टीचर होते थे ऐसे,
जो होमवर्क नहीं देते थे।
ऐसे टीचर को हम सब,
भगवान मानते थे।

टीचर जब बाहर जाते,
क्लास में मस्ती करते थे।
जैसे ही वापिस आते,
झट से सीरियस हो जाते थे।

गणित में जब फसते थे,
तो टीचर ही बचाते थे।
वरना हम तो बस,
जीरो ही लाते थे।

वो टीचर भी कमाल थे,
जो देर से क्लास में आते थे।
क्योंकि तब तक हम बच्चे,
खुशी से उछल जाते थे।

परीक्षा में जब नक़ल करते,
टीचर पकड़ लेते थे।
फिर सबके सामने हमें,
मुर्गा बना देते थे।

जब भी पढ़ाते थे टीचर,
हमारा मन कहीं और होता था।
काश कोई जादू हो जाए,
और सब याद हो जाता था।

विज्ञान के प्रयोग में जब,
टीचर कुछ दिखाते थे।
हमारा ध्यान तो बस,
कब छुट्टी होगी, पर होता था।

आज भी याद है वो दिन,
जब टीचर हमें समझाते थे।
“पढ़ाई कर लो बच्चों”,
कहकर कान ऐंठ जाते थे।

टीचर की मार भी प्यारी थी,
अब जब याद आती है।
क्योंकि उस मार में ही तो,
हमारी भलाई छिपी होती थी।

हमें पता था कि टीचर,
हमारी भलाई चाहते हैं।
पर उस वक्त तो हम,
बस डर के मारे छिपते थे।

वो डंडा बहुत भारी था,
जब हम कुछ गलत करते थे।
फिर भी हम बाज न आते,
शैतानी करते रहते थे।

टीचर के सामने तो,
सब सीधे-साधे बनते थे।
पर पीठ पीछे उनका,
मज़ाक उड़ाते रहते थे।

Short Funny Shayari On Teachers In Hindi For Farewell | शिक्षकों को विदाई के लिए छोटी मजेदार शायरी हिंदी में

जा रहे हो गुरु जी,
करके हमें आजाद।
अब कौन सुनाएगा,
हमें अपनी ज्ञान भरी बात।

आपकी छुट्टी हुई,
हमारी तो मौज आ गई।
अब होमवर्क से भी,
हमेशा छुट्टी मिल गई।

अलविदा कह रहे हैं,
आज हम आपको।
खुशी भी है थोड़ी,
अब कौन डांटेगा हमको।

शिक्षक जी जा रहे हैं,
दिल हो रहा हल्का।
अब क्लास में हम,
खुश होकर खेलेंगे कंका।

आपकी क्लास से ही,
हम भागते थे छिप-छिप के।
अब कोई डर नहीं,
आपसे मिलने का।

जाओ गुरु जी जाओ,
अब कौन हमें रोकेगा।
पढ़ाई से मन हटे तो,
कौन हमें टोकेगा।

फेयरवेल पर हम,
थोड़े खुश, थोड़े उदास।
कि अब आपको सताने का,
न मिलेगा कोई चांस।

आपकी छड़ी से तो,
डरते थे हम बहुत।
अब वो डर मिट गया,
बन गए हम मजबूत।

विदा हो रहे हैं आप,
हमारी पार्टी होगी।
बस अब कोई रोकने वाला,
हमारी मौज न होगी।

आपके जाने से अब,
क्लास में शांति रहेगी।
कोई आवाज नहीं होगी,
बस हमारी हंसी रहेगी।

शिक्षक जी आपका जाना,
हमें खुशी दे गया।
अब बेफिक्र नींद ले पाएंगे,
कोई डिस्टर्ब न करेगा।

आपकी डांट से डरते थे,
अब खुलकर हसेंगे।
कोई पूछेगा नहीं अब,
अब हम कब हंसेंगे।

फेयरवेल पर हमारी,
खुशियाँ हैं अपार।
अब कौन हमें देगा,
गणित का बुखार।

अलविदा शिक्षक जी,
अब हमें चैन से जीने दो।
बचपन के वो दिन,
हमें खुलकर जीने दो।

आपकी क्लास में आते ही,
घड़ी देखता था हर कोई।
अब कोई देखने वाला नहीं,
हमारा टाइम बीत गया सोई।

अब कौन समझाएगा,
हमारे स्कूल के किस्से।
आप तो चले गए,
बस रह गए हैं हिस्से।

जा रहे हैं आप, तो,
हमें अलविदा दीजिए।
पार्टी में कुछ खिलाकर,
हमें भी खुश कर दीजिए।

गणित के टीचर गए,
कम हो गया हमारा डर।
अब कौन हमें पूछेगा,
वर्गमूल और गुणा पर।

आपकी शिक्षा काम आएगी,
जीवन में हमारे।
पर अब कौन लगाएगा,
हमें जोर-जबर्दस्ती के नारे।

अलविदा शिक्षक जी,
आपकी याद आएगी जरूर।
पर अब कोई नहीं हमें,
पढ़ाई का बोझ डालेगा।

Short Funny Shayari On Teachers In Hindi | शिक्षकों पर छोटी मजेदार शायरी हिंदी में

टीचर की डांट में,
छिपा होता है प्यार।
पर तब हमें लगता,
बस यही है बेकार।

गणित के सवाल,
देखकर डरते थे हम।
टीचर को देखकर तो,
पसीना आता था कम।

जब भी छुट्टी होती,
खुशी से उछल जाते थे।
टीचर को कोस-कोस कर,
कदम आगे बढ़ाते थे।

होमवर्क का नाम,
सुनते ही आता था बुखार।
टीचर की क्लास में,
बैठना लगता था बेकार।

क्लास में जब नींद आती,
टीचर डांट लगाते थे।
पर क्या करें हम तो,
बस सो ही जाते थे।

परीक्षा के दिनों में,
टीचर भगवान लगते थे।
पास कर दो गुरु जी,
ये ही बस कहते थे।

टीचर की छड़ी से तो,
हम बहुत डरते थे।
डर के मारे हम,
सब कुछ रटते थे।

जब भी पढ़ाते टीचर,
ध्यान कहीं और होता था।
काश वो बातें भी,
अपने आप याद हो जाती।

शिक्षक की क्लास में,
घड़ी की सुई धीमी चलती थी।
छुट्टी की घंटी तब तो,
जल्दी से बजती नहीं थी।

जब भी कुछ पूछते,
हम चुप हो जाते थे।
क्योंकि टीचर के जवाब,
कभी समझ न आते थे।

टीचर का गुस्सा,
जब भी हम देखते थे।
तो सीधे-साधे बनकर,
सब चुप बैठ जाते थे।

नकल करने की कोशिश,
जब भी पकड़ी जाती थी।
टीचर की डांट से,
हमेशा घिसी जाती थी।

क्लास में जब शोर होता,
आता था टीचर को गुस्सा।
पर हम कहाँ मानते थे,
हमारा तो अलग ही होता था किस्सा।

टीचर की बातें तो,
ऊपर से जाती थीं।
पर परीक्षा के समय,
याद आ जाती थीं।

वो लाल पेन की मारना,
आज भी याद आती है।
टीचर की हर डांट,
एक सीख दे जाती है।

बंक मारना हो तो,
टीचर की क्लास से अच्छा।
कौन सा और जगह,
मिलता था इतना सच्चा।

भूगोल में जब पहाड़ नदियाँ,
टीचर हमें पढ़ाते थे।
तो हमारा मन तो बस,
मैग्गी खाने को कहता था।

टीचर का डर था ऐसा,
कि हम सीधे रहते थे।
उनके जाने के बाद,
फिर शैतानी करते थे।

गणित के सूत्र तो,
हमें नींद लाते थे।
पर टीचर की मार से,
तुरंत जाग जाते थे।

कुछ टीचर होते थे,
जो होमवर्क नहीं देते थे।
ऐसे टीचर को हम,
कितना प्यार करते थे।

Funny Shayari On Teachers In Hindi | शिक्षकों पर मजेदार शायरी हिंदी में

शिक्षक की डांट और,
छड़ी का डर था निराला।
बिना इसके तो हम,
कभी पढ़ाई न कर पाते, लाला।

क्लास में जब होते थे बोर,
शिक्षक देते थे झट से ज्ञान।
सोचते थे कब ये पीरियड खत्म हो,
पर वो लेते थे हमारी जान।

गणित का डर था ऐसा,
जो सपनों में भी आता था।
शिक्षक जब फार्मूला पूछते,
पसीना हमको आता था।

कहावत है “गुरु ब्रह्मा”,
पर कभी-कभी लगते थे यमराज।
जब देते थे होमवर्क ढेर सारा,
तो बजता था हमारा बाजा।

जब भी आती थी नींद हमको,
शिक्षक आवाज लगाते थे।
“यह क्लास है या सोने का अड्डा?”,
हमें फिर से जगाते थे।

इतिहास के टीचर की तो,
बात ही थी निराली।
उनके किस्सों से हम,
हो जाते थे कभी-कभी खाली।

भूगोल में जब नक़्शे दिखाते,
हम खो जाते थे कहीं और।
सोचते थे लंच का टाइम कब होगा,
और कब मचेगा क्लास में शोर।

शिक्षकों का भय था ऐसा,
कि कभी झूठ न बोला।
जो भी किया शैतानी,
सब कुछ सच-सच बोला।

एग्जाम के टाइम तो,
टीचर बन जाते थे Sherlock।
हर नक़ल करने वाले को,
पकड़ते थे एकदम लॉक।

आज भी याद आते हैं,
वो स्कूल के प्यारे दिन।
जब शिक्षक हमें रोज़,
डांट-डांट कर पढ़ाते थे।

शिक्षक की क्लास में,
घड़ी की सुई ऐसे चलती थी।
जैसे कोई कछुआ हो,
धीरे-धीरे चलती थी।

होमवर्क ना करके जाने पर,
मिलती थी सजा खास।
पूरा दिन मुर्गा बनके,
काटते थे क्लास में घास।

हिंदी की मैडम जब,
कविता सुनाती थीं।
हमारा मन तो बस,
स्कूल से भागने को करता था।

शिक्षण उनका ऐसा था,
जो दिमाग में न घुसता था।
फिर भी हम कोशिश करते,
पास होने की आस थी।

क्लास में जब टीचर पूछते,
“कोई सवाल है क्या?”
हम तो बस कहते थे,
“नहीं सर, सब ठीक है।”

वो टीचर भी बड़े कमाल थे,
जो कभी गुस्सा नहीं करते थे।
ऐसे टीचर को तो हम,
पूजा करते थे।

आज भी याद है वो टेस्ट,
जब हम नंबर कम लाते थे।
टीचर फिर से डांटते,
और फिर से समझाते थे।

शिक्षक ने हमें सिखाया,
कैसे बनना है अच्छा इंसान।
और कैसे करना है,
अपनी शैतानी पर लगाम।

सुबह की असेंबली में,
जब टीचर आते थे।
हम सब डर के मारे,
सीधे खड़े हो जाते थे।

किताबों का बोझ था भारी,
और टीचर की डांट थी प्यारी।
बस यही चलती थी हमारी,
पूरी स्कूल की कहानी।

शिक्षक की क्लास में,
बातें करना खतरा था।
क्योंकि एक कान उनका,
हमेशा हमारी तरफ रहता था।

Allama Iqbal Shayari On Teachers In Hindi | अल्लामा इकबाल की शिक्षकों पर शायरी हिंदी में

ख़ुदी को कर बुलंद इतना,
कि हर तक़दीर से पहले।
ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे,
बता तेरी रज़ा क्या है।

तू शाहीन है, परवाज़ है काम तेरा,
तेरे सामने आसमां और भी हैं।
(शिक्षक छात्र को ऊँची उड़ान भरने की प्रेरणा देते हैं)

न हो नौमीद, नौमीदी ज़वाल-ए-इल्म है,
उम्मीद है मर्दां-ए-ख़ुदा का अज़ीज़।
(शिक्षक आशा और ज्ञान का संचार करते हैं)

यक़ीन मोहकम, अमल पैहम,
मुहब्बत फ़ातेह-ए-आलम।
(गुरु ही दृढ़ विश्वास और कर्मठता सिखाते हैं)

सबा ने फिर दरख़्तों से ज़मीन मांगी है,
झुकी शमूख़-ए-हक़ीक़त से ज़मीन मांगी है।
(शिक्षक हमें विनम्रता और सच्चाई का मार्ग दिखाते हैं)

अंधेरी शब में चमकता सितारा है मुअल्लिम,
हर शागिर्द की राह का सहारा है मुअल्लिम।
(शिक्षक ज्ञान का प्रकाश पुंज हैं)

इल्म से क्या मिलता है,
सिवाए रोशनी के?
और ये रोशनी मुअल्लिम देता है,
हर ज़हन को जगाकर के।

ख़ुद ही उठना, ख़ुद ही संभलना,
मुअल्लिम ये सब सिखाते हैं।
ज़िंदगी की हर मुश्किल को,
हंसकर सामना करना सिखाते हैं।

मुअल्लिम की नज़रों में,
हर शागिर्द बराबर है।
ज्ञान की दौलत वो बांटते हैं,
दिल उनका बड़ा रहबर है।

जो कौम में रौशनी फैलाए,
वो पैग़म्बर का वारिस है।
शिक्षक वही तो है मेरा,
जो हर दिल में बसता है।

इल्म की तलवार लेकर,
जो ज़हर-ए-जहालत मिटाते हैं।
वही हमारे मुअल्लिम,
जो हम सबको सिखाते हैं।

तेरे इल्म ने ही तो,
मुझे ये मकाम दिया।
ऐ गुरुवर, तेरा ये एहसान,
मैं कभी भूल ना सकूंगा।

फ़र्ज़ से बढ़ कर है,
मुअल्लिम का काम।
वो राह दिखाता है,
और देता है अच्छा अंजाम।

कभी नरम तो कभी सख्त लहजे में,
मुअल्लिम हमको समझाए।
जीवन की हर उलझन से,
सही रास्ता वो दिखलाए।

मुअल्लिम का अदब करो,
तो इल्म मिलेगा।
बेअदबी की राह पर,
कुछ भी न मिलेगा।

जो दिल में इल्म की लौ जला दे,
वही सच्चा मुअल्लिम है।
जो ज़िंदगी का हुनर सिखा दे,
वही सबसे अज़ीम है।

हर एक लफ्ज़ उनका,
ज्ञान का मोती है।
मुअल्लिम की ये सीख,
हमारे लिए अनमोल होती है।

मुअल्लिम की ज़बान से,
जो बात निकलती है।
वो ज़िन्दगी के मैदान में,
काम हमेशा आती है।

वो जो राह-ए-हक़ दिखाए,
वो नूर-ए-इल्म लुटाए।
मुअल्लिम की अज़मत को,
कोई कैसे भुलाए।

ज़िंदगी को सँवारने वाला,
मुअल्लिम से बढ़कर कोई नहीं।
हर मुश्किल में सहारा बने,
उनसे बेहतर कोई नहीं।

इल्म की दुनिया के बादशाह,
मुअल्लिम होते हैं।
वो हर एक शागिर्द के,
दिल में बस जाते हैं।

Short Shayari On Teachers In Hindi | शिक्षकों पर छोटी शायरी हिंदी में

गुरु ज्ञान का भंडार है,
जीवन का आधार है।

शिक्षक ही वो रौशनी है,
जो अंधेरा मिटाती है।

गुरु की बातों का मान,
बढ़ाती है हमारी शान।

ज्ञान की ज्योति जलाने वाले,
शिक्षक सदा हैं हमारे प्यारे।

अंधेरे से उजाले में लाए,
गुरु ने सही राह दिखाए।

शिक्षा का दान जो देते हैं,
वो हमारे शिक्षक कहलाते हैं।

गुरु के चरण कमलों में,
हमारा बार-बार नमन है।

शिक्षक नहीं बस एक नाम,
ये तो है ज्ञान का धाम।

जीवन को जो राह दिखाते,
वो ही हमारे गुरु कहलाते।

हर मुश्किल में साथ निभाते,
शिक्षक ही हमें चलना सिखाते।

सच्चा मार्गदर्शक गुरु है,
जीवन का वही गुरू है।

गुरु की महिमा है न्यारी,
इल्म की वो फुलवारी।

हर अक्षर वो सिखाते,
जीवन को राह दिखाते।

बिना गुरु नहीं ज्ञान,
बिन ज्ञान नहीं पहचान।

शिक्षक की हर बात,
देती है नया प्रभात।

शिक्षा की किरण गुरु है,
सफल जीवन की गुरु है।

हाथ पकड़ कर सिखाया,
ज्ञान का दीप जलाया।

ज्ञान का सागर गुरु है,
जीवन का सार गुरु है।

गुरु के बिना अधूरा ज्ञान,
गुरु से मिलता सम्मान।

हम हैं उनके बच्चे,
जो हमेशा रहते सच्चे।

शिक्षक का प्यार सच्चा,
लगता है कितना अच्छा।

Conclusion

तो यह थी हमारी Shayari On Teachers In Hindi. ये शब्द गुरुओं के प्रति हमारे आदर को व्यक्त करते हैं. वे हमें सही दिशा दिखाते हैं.

गुरु वही हैं जो अँधेरे से उजाले की ओर ले जाते हैं. उनके बिना हमारा जीवन अधूरा रहता. उनकी शिक्षाएं हमेशा हमारे साथ रहती हैं.

हम उम्मीद करते हैं ये Shayari On Teachers In Hindi आपको पसंद आई होगी. अपने गुरुओं को ये खास शायरी भेजें. उन्हें बताएं कि वे आपके लिए कितने महत्वपूर्ण हैं.

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